भारतीय लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव……

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अपर उप-नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक  प्रवीर पांडेय ने पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के कार्यों का किया अवलोकन”

प्रयागराज । भारत की बुनियादी ढांचागत प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारत के अपर उप-नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (Addl. Dy. CAG) प्रवीर पांडेय ने आज पूर्वी समर्पित मालवहन गलियारे (EDFC) के अत्याधुनिक ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर (OCC) का दौरा किया। इस दौरे ने देश के लॉजिस्टिक परिदृश्य को बदलने में ‘डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड’ (DFCCIL) की अहम भूमिका को रेखांकित किया।

कंट्रोल सेंटर के निरीक्षण के दौरान श्री पांडेय ने आधुनिक रेल माल ढुलाई में उपयोग की जा रही अत्याधुनिक तकनीकों का जायजा लिया। इस दौरे का मुख्य आकर्षण भारतीय रेलवे के पारंपरिक ट्रैक से मालगाड़ियों का शत-प्रतिशत (100%) डीएफसी (DFC) पर शिफ्ट होना रहा। इस उपलब्धि की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इससे यात्री ट्रेनों के लिए मुख्य लाइनें खाली हुई हैं, जिससे रेल नेटवर्क की गति और विश्वसनीयता दोनों में सुधार हुआ है। उन्होंने इसे भारत की औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन में एक बुनियादी बदलाव करार दिया।

एकीकृत लॉजिस्टिक्स और भविष्य की रणनीतियाँ

दौरे के दौरान भविष्य की योजनाओं पर भी गहन चर्चा हुई, जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:

• न्यू जेओनाथपुर कनेक्टिविटी: न्यू जेओनाथपुर तक रेल संपर्क और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के साथ इसके तालमेल पर हुई प्रगति की समीक्षा की गई। बल्क कार्गो का प्रभाव: भारी माल की ढुलाई को डीएफसी पर स्थानांतरित करने से भारत के वैश्विक ‘लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस इंडेक्स’ (LPI) में हो रहे सुधार पर चर्चा हुई। • नया लक्ष्य (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर): आगामी ‘ईस्ट-वेस्ट समर्पित मालवहन गलियारे’ के प्रभाव पर चर्चा की गई, जो महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों को जोड़ेगा और क्षेत्रीय जोनल रेलमार्गों की क्षमता बढ़ाएगा।

बनारस लोकोमोटिव वर्क्स और रांची में एमएसएमई (MSME) कार्यशाला के अपने आधिकारिक दौरे के क्रम में प्रयागराज पहुंचे श्री पांडेय ने मुख्य महाप्रबंधक (CGM) प्रयागराज और समस्त DFCCIL टीम को बधाई दी। यहाँ प्रदर्शित समर्पण और कार्यक्षमता देश के परिवहन क्षेत्र के लिए नए मानक स्थापित कर रही है।”उन्होंने टीम को इसी निरंतरता और नवाचार के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। इस उच्च स्तरीय दौरे में लेखापरीक्षा (ऑडिट) और रेलवे क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इसमें तेग सिंह, प्रधान निदेशक लेखापरीक्षा (रेलवे वाणिज्यिक); विवेक कुमार भास्कर, प्रधान निदेशक (रेलवे) गोरखपुर; संजीव गुप्ता, कार्यकारी निदेशक (वित्त), डीएफसीसीआईएल (DFCCIL) कॉर्पोरेट कार्यालय;  ए.बी. सरन, मुख्य महाप्रबंधक, प्रयागराज आशीष मिश्रा, महाप्रबंधक (सुरक्षा) शशिकांत द्विवेदी, महाप्रबंधक (विद्युत) मन्नू प्रकाश दूबे, महाप्रबंधक (परिचालन एवं व्यवसाय विकास) बृजेश स्मिथ, उप परियोजना प्रबंधक (परिचालन एवं व्यवसाय विकास) और डीएफसीसीआईएल के अन्य अधिकारी शामिल थे। इसके अतिरिक्त, महालेखाकार कार्यालय के एक अधिकारी भी इस दौरे के दौरान साथ रहे।

भारत के एक मजबूत आर्थिक भविष्य की ओर बढ़ने के साथ ही, माल ढुलाई प्रणालियों का आधुनिकीकरण विकास की आधारशिला बना हुआ है। ईडीएफसी (EDFC) में रीयल-टाइम ट्रैकिंग और स्वचालित प्रणालियों का सफल एकीकरण यह सुनिश्चित करता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था को विश्व स्तरीय और तीव्र गति वाले लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का साथ मिले।

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