सरकारी योजनाओं की जानकारी लेने उमड़ीं 300 महिला श्रमिक
आशा ट्रस्ट की जन चौपाल में 50 गांवों की महिलाओं ने लिया भाग
मिर्जामुराद/राजातालाब। असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली महिला श्रमिकों को उनके अधिकारों और सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से आशा ट्रस्ट के तत्वावधान में राजातालाब स्थित विकासखंड आराजी लाईन के ब्लॉक सभागार में जन चौपाल का आयोजन किया गया। इसमें 50 गांवों से करीब 300 महिला श्रमिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के खंड विकास अधिकारी, आराजी लाइन सुरेंद्र सिंह ने महिला श्रमिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने श्रमिक पंजीकरण, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार, पेंशन, स्वास्थ्य, आवास तथा महिला एवं परिवार कल्याण से जुड़ी योजनाओं के बारे में बताया और पात्र श्रमिकों से योजनाओं का लाभ लेने के लिए नियमानुसार आवेदन करने की अपील की। जन चौपाल में ब्लॉक प्रतिनिधि डॉ महेंद्र सिंह पटेल ने ‘जी राम जी’ कानून सहित श्रमिकों से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी जानकारी दिया। महिला श्रमिकों ने योजनाओं का लाभ लेने में आने वाली समस्याओं और आवेदन प्रक्रिया से जुड़े सवाल अधिकारियों के सामने रखे। अधिकारियों ने उनकी समस्याएं सुनकर आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रोहनियाँ विधान सभा के विधायक सुनील पटेल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में महिलाएं असंगठित क्षेत्र में काम करती हैं। जानकारी के अभाव में कई बार वे सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ नहीं उठा पातीं। जन चौपाल जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें सामाजिक सुरक्षा और सरकारी सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।कार्यक्रम में एडीओ समाज कल्याण प्रमोद कुमार, ए डी ओ पंचायत सतीश मौर्या, एपीओ जी राम जी योजना दीपक कुमार, आराजी लाइन प्रधान संघ अध्यक्ष मुकेश कुमार, महामंत्री बूढ़ापुर ग्राम प्रधान संजय यादव सहित बनिता, रंजना, सरिता, सुमन, मुन्नी, पुष्पा, नगीना, ज्योति, प्रभावती, सुषमा, रीता, उर्मिला, मीरा, संगीता, आशा, सोनी, अनीता, रामबचन सहित विभिन्न गांवों की महिला श्रमिकों ने सक्रिय भागीदारी की। महिला श्रमिकों ने कहा कि जन चौपाल के माध्यम से उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर मिली और आवेदन प्रक्रिया को समझने में भी मदद मिली। उन्होंने भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता बताई।
