जामनगर, ।: वंतारा ने अपनी नई स्वतंत्र गवर्निंग काउंसिल के गठन की घोषणा की है। पांच सदस्यीय काउंसिल में भारत और विदेश के वन्यजीव संरक्षण, कानून, वन्यजीव अपराध, मानव-वन्यजीव संघर्ष, पशु चिकित्सा और संरक्षण नीति के विशेषज्ञ शामिल हैं। काउंसिल के स्वतंत्र अध्यक्ष जॉन ई. स्कैनलॉन एओ, पूर्व CITES महासचिव होंगे। उनके साथ पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी, क्रेग हूवर, सुभाष के. मलखेडे और ग्रीटा एफ. इओरी सदस्य होंगे। डॉ. कुशल कोंवर शर्मा को पदेन गैर-मतदान सदस्य बनाया गया है।
काउंसिल वंतारा के वन्यजीव संरक्षण, बचाव, पुनर्वास और कानूनी अनुपालन की निगरानी करेगी तथा भविष्य में जंगली जानवरों के आयात से जुड़े किसी भी आवेदन पर अंतिम निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
वतारा के अनुसार, 5 जून 2027 तक किसी भी नए पशु आयात के लिए आवेदन नहीं किया जाएगा। इसके बाद भी किसी आयात आवेदन को आगे बढ़ाने से पहले गवर्निंग काउंसिल की लिखित मंजूरी और निर्धारित ड्यू डिलिजेंस प्रक्रिया आवश्यक होगी। काउंसिल का गठन वंतारा द्वारा पारदर्शिता, जवाबदेही, CITES अनुपालन और वैज्ञानिक आधार पर वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करने के लिए किए गए व्यापक सुधारों का हिस्सा है।
