‘सूक्ष्म एवं लघु उद्योग’ और ‘मेक इन इंडिया’ पर एसईसीएल में विशेष सत्र, सीवीओ हिमांशु जैन ने नीतिगत प्रावधानों पर किया विस्तृत संवाद
बिलासपुर। एसईसीएल के तीन माह के सतर्कता जागरूकता अभियान 2026 के तहत एमडीआई, बिलासपुर में पब्लिक प्रोक्योरमेंट पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसमें सरकारी नीतियों और प्रक्रियाओं की समझ बढ़ाने के साथ पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर दिया गया।
एसईसीएल के मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) हिमांशु जैन ने उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। उन्होंने विशेष रूप से सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) के लिए पब्लिक प्रोक्योरमेंट पॉलिसी और मेक इन इंडिया (एमआईआई) के प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही बताया कि प्रोक्योरमेंट के विभिन्न चरणों में इनका पालन कैसे किया जाए। सत्र में छोटे उद्यमों की भागीदारी बढ़ाने और देश में बने उत्पादों को प्रोत्साहन देने में इन नीतियों की भूमिका समझाई गई। प्रतिभागियों को निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा, पारदर्शिता और संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित करने के बारे में भी जानकारी दी गई।
श्री जैन ने वास्तविक मामलों के उदाहरणों से प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया में होने वाली आम चूकों और जोखिमों को समझाया। उन्होंने हर चरण में जरूरी जांच-पड़ताल और सावधानी बरतने का महत्व बताया, ताकि प्रक्रियागत कमियों को समय रहते दूर किया जा सके। अंत में सवाल-जवाब का सत्र हुआ। प्रतिभागियों ने प्रोक्योरमेंट से जुड़ी व्यावहारिक समस्याएं रखीं और एमएसई व मेक इन इंडिया के प्रावधानों के इस्तेमाल पर अपनी शंकाओं का समाधान किया। यह कार्यक्रम एसईसीएल में प्रिवेंटिव विजिलेंस को बढ़ावा देने और प्रोक्योरमेंट व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष तथा प्रभावी बनाने के प्रयासों का हिस्सा है।
