पश्चिम मध्य रेलवे की टीम ने प्रयागराज–फतेहपुर रेलखंड का किया व्यापक संरक्षा निरीक्षण
प्रयागराज । रेल परिचालन में संरक्षा मानकों को और अधिक सुदृढ़ करने तथा विभिन्न सुरक्षा व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता की समीक्षा के उद्देश्य से पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) की टीम द्वारा प्रयागराज मंडल के प्रयागराज–फतेहपुर (PRYJ–FTP) रेलखंड का दो दिवसीय इंटर-रेलवे सेफ्टी ऑडिट किया जा रहा है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 12 अगस्त को रेलखंड के विभिन्न महत्वपूर्ण स्टेशनों, यार्ड, लेवल क्रॉसिंग, पॉइंट्स एवं क्रॉसिंग, पुलों तथा अन्य संरक्षा से संबंधित संस्थापनों का विस्तृत निरीक्षण किया गया। प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी, पश्चिम मध्य रेलवे, मनोज गुरुमुखी के मार्गदर्शन में पश्चिम मध्य रेलवे की सेफ्टी ऑडिट टीम का नेतृत्व राजेश दत्त बाजपेयी, CTPM/WCR ने किया। टीम में प्रदीप कुमार, CE/G/WCR, आशीष के. कुलहाड़ा, CME/PLG, माही पाल सिंह, CCE/WCR तथा सुरेंद्र यादव, CELE/WCR सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी एवं उनकी टीम शामिल रही।
सेफ्टी ऑडिट के दौरान टीम द्वारा प्रयागराज–फतेहपुर रेलखंड में स्थित विभिन्न महत्वपूर्ण संरक्षा संस्थापनों एवं परिसंपत्तियों का विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण कार्यक्रम में भरवारी स्टेशन एवं यार्ड, लेवल क्रॉसिंग गेट LC-13A, पॉइंट्स एवं क्रॉसिंग, कर्व संख्या 12 UP, मेजर ब्रिज संख्या 109 (गर्डर ब्रिज), LHS संख्या 40 तथा फतेहपुर स्टेशन एवं यार्ड को शामिल किया गया।
भरवारी स्टेशन पर स्टेशन एवं यार्ड की व्यवस्थाओं के साथ-साथ LC-13A, संबंधित पॉइंट एवं क्रॉसिंग तथा कर्व का निरीक्षण किया गया। इस दौरान संरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की बारीकी से समीक्षा की गई। टीम द्वारा मौके पर कार्यरत कर्मचारियों से उनके कार्य, जिम्मेदारियों तथा संरक्षा प्रक्रियाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त कर उनकी कार्य संबंधी दक्षता एवं जागरूकता का भी आकलन किया गया।
इसके पश्चात सेफ्टी ऑडिट टीम द्वारा सिराथू–अथसराय के मध्य DN लाइन पर स्थित मेजर ब्रिज संख्या 109 (गर्डर ब्रिज) का निरीक्षण किया गया। टीम ने पुल की संरक्षा एवं उससे संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद LHS संख्या 40 तथा उससे संबंधित रेलखंड का भी निरीक्षण किया गया। सेफ्टी ऑडिट टीम ने फतेहपुर स्टेशन एवं यार्ड का भी गहन निरीक्षण किया। इस दौरान निर्धारित पॉइंट, SEJ, रिले रूम तथा स्टेशन एवं यार्ड से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण संरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। टीम द्वारा संबंधित अधिकारियों से आवश्यक तकनीकी जानकारी प्राप्त की गई तथा संरक्षा से जुड़े अभिलेखों एवं व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया।
सेफ्टी ऑडिट के दौरान टीम द्वारा फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों से संरक्षा नियमों एवं कार्यप्रणाली से संबंधित जानकारी प्राप्त की गई, जिससे यह आकलन किया जा सके कि निर्धारित संरक्षा प्रक्रियाओं एवं प्रावधानों का पालन व्यवहारिक स्तर पर किस प्रकार किया जा रहा है। इस निरीक्षण का प्रमुख उद्देश्य रेलखंड में संरक्षा से जुड़े विभिन्न प्रावधानों एवं मानकों के अनुपालन की स्थिति की समीक्षा करना, फील्ड स्तर पर उपलब्ध संरक्षा व्यवस्थाओं का आकलन करना तथा आवश्यकता के अनुरूप सुधार के क्षेत्रों की पहचान करना रहा।
सेफ्टी ऑडिट के दौरान प्रयागराज मंडल की ओर से अपर मंडल रेल प्रबंधक/परिचालन एम.एम. वारिस एवं वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी यू.सी. शुक्ला सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रयागराज मंडल के संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा पश्चिम मध्य रेलवे की ऑडिट टीम को निरीक्षण के दौरान आवश्यक तकनीकी जानकारी, अभिलेख एवं अन्य विवरण उपलब्ध कराए गए। ऑडिट के दौरान संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी टीम के साथ उपस्थित रहे तथा निरीक्षण से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग प्रदान किया। दो दिवसीय इंटर-रेलवे सेफ्टी ऑडिट के दूसरे दिन 13 अगस्त 2026 को प्रयागराज स्टेशन पर ART/ARME, लॉबी एवं रनिंग रूम का निरीक्षण किया जाना प्रस्तावित है। इसके उपरांत सेफ्टी ऑडिट टीम द्वारा मंडल रेल प्रबंधक, प्रयागराज के साथ बैठक भी की जाएगी।
इंटर-रेलवे सेफ्टी ऑडिट के माध्यम से विभिन्न विभागों की संरक्षा व्यवस्थाओं, कार्यप्रणाली तथा निर्धारित संरक्षा मानकों के अनुपालन की व्यापक समीक्षा की जा रही है। इस प्रकार के ऑडिट से फील्ड स्तर पर संरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं मजबूत बनाने, संभावित कमियों की पहचान करने तथा आवश्यक सुधारात्मक उपायों को समयबद्ध रूप से लागू करने में सहायता मिलती है। प्रयागराज मंडल द्वारा रेल परिचालन में उच्चतम स्तर की संरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण, समीक्षा एवं सुधारात्मक कार्यों को निरंतर प्राथमिकता दी जा रही है।
