राउरकेला। सेल, राउरकेला स्टील प्लांट (आरएसपी) के सतर्कता विभाग ने पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिक कामकाज को बढ़ावा देने के लिए 21 और 22 जुलाई, 2026 को ज्ञानार्जन एवं बिकास विभाग में दो दिवसीय निवारक सतर्कता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में पूरे संयंत्र में विभिन्न विभागों का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिकारियों की उत्साही भागीदारी देखी गई। महाप्रबंधक (सतर्कता) और एसीवीओ, रंजन भारती और महाप्रबंधक (मानव संसाधन- ज्ञानार्जन एवं बिकास), पी. के. साहू ने समापन सत्र को सुशोभित किया।
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए एसीवीओ ने अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की और ज़ोर देकर कहा कि निवारक सतर्कता एक सक्रिय दृष्टिकोण है जिसका उद्देश्य प्रणालियों और प्रक्रियाओं में सुधार करके भ्रष्टाचार के अवसरों को समाप्त करना है। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने विभागों में ईमानदारी के दूत के रूप में कार्य करें और एक पारदर्शी, जवाबदेह और मूल्य-संचालित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने में योगदान दें।
इस कार्यक्रम को जागरूकता बढ़ाने और सतर्कता से संबंधित मामलों में क्षमता निर्माण के लिए डिज़ाइन किया गया था। प्रशिक्षण में निवारक सतर्कता, लेखा परीक्षा तंत्र, प्रिवेंटिव कंट्रोल प्लान (पीसीपी)-2024, प्रासंगिक आचरण, अनुशासन और अपील (सीडीए) नियम, आरटीआई अधिनियम और निवारक सतर्कता में सर्वोत्तम प्रथाओं के वैचारिक ढांचे सहित विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला को शामिल किया गया। इंटरैक्टिव केस स्टडीज, समूह चर्चा और ख़रीद सिद्धांतों और अनुशासनात्मक मामलों पर प्रस्तुतियों ने प्रतिभागियों को संगठनात्मक प्रक्रियाओं में जोखिमों की पहचान करने और उन्हें कम करने की व्यावहारिक समझ विकसित करने में सक्षम बनाया। इन सत्रों का संचालन सहायक महाप्रबंधक (एचआर-जीए), एस के सेनापति और सहायक महाप्रबंधक सामग्री प्रबंधन (ख़रीद), एन आर परिजा ने किया। कार्यक्रम का समापन एक इंटरैक्टिव सत्र और समूह प्रस्तुतियों पर विशेषज्ञों की टिप्पणियों के साथ हुआ। उप महाप्रबंधक (सतर्कता), ए के बिस्वाल ने कार्यक्रम का समन्वय किया।
