सोनभद्र। आधुनिक दौर में लग्जरी गाड़ियों में बरात लेकर दूल्हा शान से दुल्हन को लेने पहुंचता है। वहीं सोमवार को सोनभद्र जिले के दुद्धी ब्लॉक के हरपुरा गांव में एक बरात ऐसी भी निकली जिसे देखने के लिए लोग जहां थे वहीं रूक गए। दरअसल, दूल्हा अपनी पुरानी परंपराओं को जीवित रखने के लिए पालकी से बरात लेकर दुल्हन के घर तक पहुंचा। बचपन में काफी लोगों ने सुना होगा कि दादा और नाना की बरात पालकी व बैलगाड़ी से गई थी, जिसमें उन्हें ससुराल पहुंचने में कई दिन का सफर तय करना पड़ा था। वर्तमान समय में अगर कोई यह कहे कि किसी की बरात पालकी में जाएगी तो लोग यकीन नहीं करेंगे।
दुद्धी ब्लॉक के हरपुरा गाँव निवासी मुंन्द्रिका गुप्ता के पुत्र मनोज गुप्ता ने पालकी को आकर्षक ढंग से सजाकर ब्याह रचाने निकल गए। बरात हरपुरा से टड़हे झारखण्ड गांव में पहुंची, जहां वीरेंद्र साव की बेटी तारामणी से शादी हुई। पालकी से बारात गाँव पहुंची तो बरात देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई। लोगों ने अपने मोबाइल से दूल्हे और पालकी के साथ इस पल को सेल्फी के माध्यम से कैद किया। झारखण्ड से दुल्हन लेकर मंगलवार जब दूल्हा पालकी से अपने घर लौटा तो पालकी में दुल्हन देख लोग आश्चर्यचकित थे कि आज लोग जहाँ हाइटेक व्यवस्था के साथ शादी कर रहे हैं वहीं ये दूल्हा-दुल्हन एक साथ पालकी से सातों जन्म साथ -साथ रहने की शुरुआत कर रहे हैं। गाँव में कई वर्षों बाद पुरानी परंपरा पालकी में दुल्हन को देख गाँव में चर्चा का का विषय बनी रही। पालकी में बैठी दुल्हन जिस गांव और चौराहे से निकली वहां लोग देखने के लिए अपने-अपने घरों से बाहर निकल गए और पालकी में बैठी दुल्हन की पुरानी परम्परा को अपने अपने कैमरे में कैद करते देखे गए।
पालकी से ससुराल पहुंचा दूल्हा, दुल्हन पालकी में सवार हो चली ससुराल
