आलापुर, अंबेडकर नगर।( लालमणि गौड़) विकास खण्ड जहांगीरगंज अंतर्गत ब्लाक मुख्यालय से सटा राजकीय बालिका इण्टर कालेज तेंदुआई कला विद्यालय चारागाह बना हुआ है। कमरों के चारों तरफ उगी घनी झाड़ियां एवं घास फूस छात्राओं के लिए कभी भी घातक हो सकता है। साफ सफाई व्यवस्था की धज्जियाँ उड़ाते इस विद्यालय में 335 छात्र छात्राओं को वर्षात के मौसम में कीड़े मकोड़े और जहरीले जंतुओं का भय हमेशा बना रहता है लेकिन बच्चे जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। झाड़ झंखाड़ की स्थित यह है कि कोई भी व्यक्ति विद्यालय में उगे झाड़ झंखाड़ को देख कमरों से अगल बगल या मैदान में जाने की हिम्मत नहीं कर सकता। इस सम्बंध में जब विद्यालय की प्रधानाचार्या रेखा से बात की गई तो वह साफ सफाई के लिए मद मिलने की बात स्वीकार किया लेकिन साफ सफाई व्यवस्था बेहाल क्यों है इसका ज़बाब नहीं दिया। विद्यालय की खिड़की दरवाजे आदि टूट चुके हैं जिसके लिए उन्होंने बताया कि मरम्मत के लिए मांग की गई है लेकिन अभी तक धन उपलब्ध नहीं है। मालूम हो प्रिंसिपल जब से विद्यालय की प्रधानाचार्या बनी हुई है विद्यालय खंडहर में तब्दील होता जा रहा लाखों रुपए से अधिक से निर्मित इस विद्यालय की देखरेख और साफ सफाई न होने से विद्यालय पूरी तरह चारागाह बनता जा रहा है और पढ़ने वाले बच्चों की जान जोखिम में रहती है। पूछने पर प्रधानाचार्या ने बताया कि वह वर्ष से 2013 से विद्यालय में नियुक्त हैं।
विद्यालय बाउंड्री के अन्दर ही बच्चों के रहने के लिए शासन से हास्टल बनवाया गया है जिसमे 45 बच्चों के रहने की बात बताई गई जबकि हास्टल से लेकर विद्यालय तक अगल बगल बड़ी बड़ी झाड़ झंखाड उगी हुई है। साफ सफाई के लिए विद्यालय में दो कर्मचारी नियुक्त हैं लेकिन वह साफ सफाई छोड़ साहब की जीहजूरी में लगे रहते हैं। ऐसे में विद्यालय के मेन दरवाजे तक जानवरो के गोबर और घास फूस पड़े हुए हैं। राम भरोसे विद्यालय में 335 छात्र छात्राएं जान जोखिम में डालकर स्कूल आने पर मजबूर हैं। इतना ही नहीं प्रिंसिपल अगल बगल में चल रहे प्राइवेट स्कूलों पर फोन कर धमकी देती हैं कि मेरे बुलाने पर विद्यालय आकार मिल लिया करे नही तो मै आपके विद्यालय के खिलाफ लिखा पढ़ी कर दूंगी और विद्यालय बन्द करा दूंगी। फोन कर धमकी देने के बाद अपने एक सेवा निवृत्त रिश्तेदार जो पूर्व प्रधानाचार्य रह चुके हैं उनके माध्यम से प्राइवेट स्कूलों का शोषण करने का काम भी कर रही हैं। यहां शिक्षा विभाग जैसे पवित्र संस्थान को कलंकित करने का कार्य किया जा रहा है। शिक्षा का स्तर भी काफी गिरता जा रहा है जो चिंता का विषय है। अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों का ध्यान इस विद्यालय की ओर आकृष्ट कराया है।
