अंबेडकर नगर। विकास खण्ड जहांगीरगंज अन्तर्गत ग्राम सुन्दर पुर खालसा में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के पांचवे दिन भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं की मनोहारी कथा आचार्य राकेश त्रिपाठी महाराज ने सुनाया श्रद्धालु बाल लीला की कथा सुनकर भाव विभोर हो गए। जमकर थिरके। कथा के दौरान मुख्य यजमान राम जनम गोस्वामी द्वारा भगवान को 56 भोग समर्पित कर श्रद्धा के साथ पूजा अर्चना किया गया। व्यास पीठ से प्रवचन कर्ता आचार्य राकेश त्रिपाठी श्रीधाम अयोध्या ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन कर धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष की महत्ता पर प्रकाश डाला। बाल लीला प्रसंग में श्रीकृष्ण के पूतना वध, मिट्टी खाकर माता को ब्रह्माण्ड के दर्शन करने, कालिया नाग से मुक्ति, गोकुल के मित्रो के साथ गौ चराना,गोपियों के साथ खेलना मटकी फोड़ना और मक्खन चोरी कर मित्रो को खिलाना मां यशोदा को अपनी गलती से बचने हेतु उलाहना देना जैसे प्रसंग को बहुत ही मार्मिक चित्रण किया। गोवर्धन पर्वत की पूजा और मथुरा वासियों की कथा सुनाते हुए आचार्य राकेश त्रिपाठी ने कहा कि घमण्ड कभी नहीं करना चाहिए घमंड प्रभु का आहार है गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाकर मथुरा वासियों की रक्षा करते हुए इंद्रदेव का घमंड श्रीकृष्ण ने चूर चूर कर दिया। कथा में सैकड़ों की संख्या में आए महिला, पुरुष श्रद्धालु हरे राधा-कृष्ण के उदघोष के साथ भाव विभोर हो गए। पांचवे दिन की कथा में मुख्य यजमान राम जनम गोस्वामी, विजय प्रकाश गोस्वामी, बलराम गोस्वामी, जितेन्द्र सिंह, राम बहादुर गोस्वामी, पंकज तिवारी, त्रिलोकी गोस्वामी,धर्मेन्द्र तिवारी, शिवम, शुभम, सात्विक, अथर्व सहित बड़ी संख्या में महिला पुरुष श्रद्धालु उपस्थित थी।
कृष्ण बाल लीला की कथा सुनकर भाव विभोर हुए श्रोता
