11 से 15 अक्टूबर तक जागरूकता, कचरा पृथक्करण पर रहेगा विशेष जोर
प्रयागराज । स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल में 11 से 15 अक्टूबर 2026 तक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) नियम, 2026 के अनुपालन के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस पांच दिवसीय अभियान का उद्देश्य रेलवे के दैनिक कार्यों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के निर्धारित प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करना तथा स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
अभियान के तहत रेलवे कर्मचारियों, ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग (OBHS) कर्मचारियों, खानपान कर्मियों, स्टेशन वेंडरों एवं ठेकेदारों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों की प्रमुख विशेषताओं, कचरे के पृथक्करण, बल्क वेस्ट जनरेटर की जिम्मेदारियों तथा नियमों के अनुपालन के महत्व के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए प्रशिक्षण सत्र, ब्रीफिंग, जागरूकता कार्यक्रम तथा पोस्टर एवं सूचना सामग्री के माध्यम से प्रचार-प्रसार पर जोर दिया जा रहा है।
अभियान का प्रमुख उद्देश्य कचरे को उसके उत्पन्न होने के स्थान पर ही अलग-अलग करना है। इसके अंतर्गत गीले, सूखे, सैनिटरी तथा विशेष देखभाल वाले कचरे के लिए निर्धारित व्यवस्था की समीक्षा एवं सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। स्टेशनों, ट्रेनों, पेंट्री तथा रेलवे कॉलोनियों में कचरा पृथक्करण की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के साथ सफाई कर्मियों एवं संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त बड़े स्टेशनों, रेलवे अस्पतालों, कार्यशालाओं एवं बड़ी रेलवे कॉलोनियों जैसी संभावित बल्क वेस्ट जनरेटर इकाइयों की पहचान, पंजीकरण तथा अधिकृत अपशिष्ट प्रसंस्करण एजेंसियों के साथ समन्वय की स्थिति की समीक्षा की जा रही है। साथ ही, उपलब्ध कम्पोस्टिंग सुविधाओं, बायोगैस संयंत्रों, मटेरियल रिकवरी सुविधाओं और प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीनों की क्षमता एवं उपयोग का आकलन कर आवश्यक सुधारों की पहचान की जा रही है।
अभियान के अंतर्गत प्रयागराज मंडल की इकाइयों के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कार्ययोजना को अद्यतन करने, प्रत्येक कार्य के लिए जिम्मेदारी निर्धारित करने तथा समय-सीमा तय करने पर भी जोर दिया जा रहा है। 15 अक्टूबर तक निर्धारित कार्ययोजना एवं अनुपालन संबंधी विवरण प्रस्तुत किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छता गतिविधियों को नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाते हुए पर्यावरण संरक्षण, कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और स्वच्छ रेलवे परिसर की दिशा में प्रभावी कदम उठाना है।
