रांची । युवाओं को सशक्त बनाने और सतत आजीविका के अवसर उत्पन्न करने की अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए सीएमपीडीआई ने आज सेंट्रल इंस्टीच्यूट आफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी (सिपेट), रांची के साथ एक समझौते ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपनी निगमित सामाजिक दायित्व (सीएसआर) पहल के अंतर्गत वंचित, बेरोजगार एवं अर्द्धरोजगार युवाओं को आवासीय कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए किया गया है। इस एमओए पर सीएमपीडीआई, रांची की ओर से महाप्रबंधक (मानव संसाधन/सीएसआर) संजय कडम्बार और सिपेट, रांची के निदेशक और प्रमुख अवनीत कुमार जोशी ने औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए। इस मौके पर सीएमपीडीआई (मुख्यालय) के सीएसआर टीम और सिपेट, रांची के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
इस एमओए के तहत झारखंड राज्य के रांची, रामगढ़, हजारीबाग, धनबाद और लातेहार जिलों के 80 वंचित, बेरोजगार एवं अर्द्धरोजगार युवाओं को सिपेट, रांची में मशीन आपरेटर-प्लास्टिक प्रोसेसिंग (एमओ-पीपी) एवं मशीन आपरेटर-टूल रूम (एमओ-टीआर) जैसे उद्योग-उन्मुखी ट्रेडो में आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक कोर्स में 40 उम्मीदवार होंगे। प्रत्येक प्रशिक्षण कार्यक्रम में केंद्रित शिक्षा, व्यावहारिक अनुभव और व्यापक कौशल विकास सुनिश्चित करने के लिए सभी अभ्यर्थियों को चार महीने के दौरान कुल 600 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा और यह पूर्ण रूप से आवासीय आधारित होगा। इस परियोजना को लागू करने के लिए सीएमपीडीआई ने कुल 47 लाख 52 हजार का बजट आवंटित किया है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रतिभागियों को उद्योग के लिए प्रासंगिक तकनीकी कौशल से लैस करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे प्लास्टिक प्रोसेसिंग और विनिर्माण क्षेत्रों में उनके रोजगार के अवसर को बढ़ावा देगा। कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने के पश्चात् इन प्रशिक्षुओं को प्लास्टिक प्रोसेसिंग, टूल रूम संचालन और संबंधित विनिर्माण क्षेत्रों में काम करने वाले उद्योगों में बेहतर रोजगार के अवसर मिलेंगे।
