छत्तीसगढ़ में विधि विरुद्ध क्रिया-कलाप मामलों की समीक्षा के लिए समीक्षा प्राधिकरण गठित
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग ने विधि विरुद्ध क्रिया-कलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 के अंतर्गत जांच के दौरान एकत्रित साक्ष्यों की स्वतंत्र समीक्षा तथा अभियोजन की स्वीकृति प्रदान करने के संबंध में राज्य सरकार को अनुशंसा करने के लिए गठित समीक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष की नियुक्ति की है। गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार गौतम चौरडिया, अध्यक्ष, राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग एवं छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश को समीक्षा प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति विधि विरुद्ध क्रिया-कलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 की धारा 45 की उप-धारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई है।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के गृह विभाग द्वारा 9 अप्रैल 2026 को समीक्षा प्राधिकरण के गठन की अधिसूचना जारी की गई थी। अब इस प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में श्री गौतम चौरडिया की नियुक्ति की गई है। समीक्षा प्राधिकरण का उद्देश्य जांच के दौरान एकत्रित साक्ष्यों की स्वतंत्र समीक्षा करना तथा अभियोजन की स्वीकृति प्रदान करने के संबंध में राज्य सरकार को आवश्यक अनुशंसा करना है। प्राधिकरण द्वारा संबंधित मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों और जांच प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी।
