रायपुर। हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (HNLU), रायपुर में वर्ष 2026 के नए बैच के लिए सप्ताहभर चलने वाले इंडक्शन प्रोग्राम की शुरुआत आज “ज्यूरिस्ट्स स्पीक” शीर्षक वाले प्रमुख सत्र के साथ हुई। इसके साथ ही नए विद्यार्थियों के ओरिएंटेशन कार्यक्रम के “डे ज़ीरो” की औपचारिक शुरुआत हुई। नवप्रवेशी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए HNLU के कुलपति प्रो. वी. सी. विवेकानंदन ने छात्रों से विविधता को अपनाने, लैंगिक संवेदनशीलता को जीवन का हिस्सा बनाने और केवल अकादमिक उत्कृष्टता तक सीमित न रहकर मानवीय मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि “रूल ऑफ लॉ केवल कानून की धाराओं का संग्रह नहीं, बल्कि एक ऐसा मूल्य है जिसे हर व्यक्ति को अपने जीवन में पहले अपनाना चाहिए।” विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा, “रूल ऑफ लॉ की प्रैक्टिस करने से पहले उसे अपने जीवन में जीना सीखिए।” उन्होंने सफलता का पैमाना केवल पेशेवर उपलब्धियों या बड़े मुकदमों को नहीं, बल्कि समाज में न्याय के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाने को बताया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि HNLU के डिस्टिंग्विश्ड ज्यूरिस्ट प्रोफेसर, नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, हैदराबाद तथा नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली के संस्थापक कुलपति प्रो. (डॉ.) रणबीर सिंह ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि विधि शिक्षा ने अनगिनत साधारण परिवारों के युवाओं को असाधारण उपलब्धियाँ हासिल करने का अवसर दिया है।

उन्होंने कहा कि पहले के समय में लोग संयोगवश विधि शिक्षा की ओर आते थे, जबकि आज नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज़ के आने से यह युवाओं के लिए एक जागरूक विकल्प और करियर की पहली पसंद बन चुकी है। प्रो. रणबीर सिंह ने वर्तमान कुलपति के नेतृत्व में HNLU की उल्लेखनीय प्रगति की सराहना करते हुए नए विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य स्पष्ट रखने और विश्वविद्यालय के वर्षों को आत्म-विकास तथा पेशेवर उत्कृष्टता की यात्रा बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों और अतिथि वक्ताओं के बीच एक रोचक संवाद सत्र के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रभारी कुलसचिव डॉ. दीपक कुमार श्रीवास्तव ने स्वागत भाषण दिया, जबकि छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. अविनाश सामल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
छात्राओं की रिकॉर्ड भागीदारी
इस वर्ष HNLU में स्नातक (यूजी) कार्यक्रम में 55 प्रतिशत छात्राओं ने प्रवेश लिया है, जबकि स्नातकोत्तर (पीजी) कार्यक्रम में 54 प्रतिशत छात्राएँ नामांकित हुई हैं। विश्वविद्यालय के इतिहास में यह अब तक की सर्वाधिक महिला भागीदारी है। साथ ही, सात दिव्यांग विद्यार्थियों ने यूजी तथा पाँच दिव्यांग विद्यार्थियों ने पीजी कार्यक्रमों में प्रवेश लिया है। इस वर्ष का बैच भारत के 21 राज्यों से आए विद्यार्थियों का प्रतिनिधित्व करता है, जो HNLU की वास्तविक राष्ट्रीय पहचान को और मजबूत करता है।
नई सुविधाओं का शुभारंभ
इंडक्शन सप्ताह के दौरान प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए छात्र एवं छात्रा छात्रावासों के पूरी तरह से आधुनिक बनाए गए डाइनिंग हॉल तथा नवनिर्मित बोर्ड रूम का भी उद्घाटन किया गया। इन सुविधाओं का उद्घाटन प्रो. (डॉ.) रणबीर सिंह तथा कुलपति प्रो. वी. सी. विवेकानंदन ने संयुक्त रूप से किया। इनका उद्देश्य विद्यार्थियों के रहने और सीखने के अनुभव को बेहतर बनाना तथा विश्वविद्यालय के शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को और सशक्त करना है।
पूरे सप्ताह होंगे विविध कार्यक्रम
सप्ताहभर चलने वाले इंडक्शन प्रोग्राम 2026 के दौरान विद्यार्थियों के लिए अनेक औपचारिक और अनौपचारिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें अभिभावकों और विद्यार्थियों की संयुक्त म्यूज़िकल ईवनिंग, हेल्थ एंड वेलनेस सत्र, खेल गतिविधियाँ, पूर्व छात्रों के साथ संवाद तथा जेंडर सेंसिटाइजेशन एवं इन्क्लूसिव कैंपस कल्चर विषय पर विशेष कोलोक्वियम शामिल हैं। इन सभी गतिविधियों का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के वातावरण से परिचित कराना तथा उनके शैक्षणिक और व्यक्तिगत जीवन की सफल शुरुआत सुनिश्चित करना है।
