डीएम ने राजकीय जिला पुस्तकालय का किया औचक निरीक्षण
सोनभद्र। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने मंगलवार को राजकीय जिला पुस्तकालय का औचक निरीक्षण कर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुस्तकालय परिसर की स्वच्छता, अध्ययन कक्ष, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, बैठने की सुविधा, पुस्तक संग्रह, डिजिटल संसाधनों तथा पाठकों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान पुस्तकालय में उपलब्ध सभी मूलभूत सुविधाएं संतोषजनक पाई गईं। पुस्तकालय में अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं एवं सुझावों की जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने कहा कि पुस्तकालय केवल पुस्तकों का संग्रहालय नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में यहां गुणवत्तापूर्ण, अद्यतन एवं उपयोगी अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पुस्तकालय में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC), एसएससी, बैंकिंग, रेलवे, पुलिस भर्ती, एनडीए, सीडीएस, टीईटी, सीटीईटी, नीट, जेईई तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित नवीनतम पुस्तकों, संदर्भ ग्रंथों, राष्ट्रीय स्तर की पत्रिकाओं एवं करंट अफेयर्स सामग्री की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि जनपद के विद्यार्थियों एवं युवाओं को बेहतर अध्ययन संसाधन उपलब्ध हो सकें।

निरीक्षण के उपरांत जिलाधिकारी ने राजकीय जिला पुस्तकालय में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की। बैठक में पुस्तकालय के समग्र विकास, सदस्यता विस्तार, डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना, ई-ग्रंथालय पोर्टल से अधिकाधिक पाठकों को जोड़ने, करियर काउंसिलिंग एवं तनाव प्रबंधन कार्यशालाओं के नियमित आयोजन तथा पुस्तकालय को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित किए जाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में पुस्तकालय की सदस्य संख्या बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। इसके अंतर्गत जनपद के राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों तथा अन्य शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं को पुस्तकालय की सदस्यता से जोड़ने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही सूचना विभाग के सहयोग से पुस्तकालय की गतिविधियों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुस्तकालय में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ई-लाइब्रेरी, कंप्यूटर एवं टैबलेट जैसी आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाए तथा पुस्तकालय को विद्यार्थियों, शोधार्थियों और आम नागरिकों के लिए अधिक उपयोगी एवं आकर्षक बनाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पुस्तकालय में समय-समय पर प्रेरक व्याख्यान, पुस्तक परिचर्चा, करियर मार्गदर्शन एवं व्यक्तित्व विकास से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जिससे युवाओं को सकारात्मक दिशा मिल सके।
बैठक में पुस्तकालय के दीर्घकालिक विकास हेतु सीएसआर (CSR) के माध्यम से बहुउद्देशीय हॉल, डिजिटल लाइब्रेरी तथा अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि राजकीय जिला पुस्तकालय को जनपद में ज्ञान, अध्ययन, नवाचार एवं प्रतिस्पर्धी परीक्षा की तैयारी का उत्कृष्ट केंद्र बनाया जाएगा, जिससे अधिकाधिक युवा लाभान्वित होकर अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकें। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला विद्याल निरीक्षक जय राम सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनन्द पाण्डेय, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह, जिला पुस्तकालयाध्यक्ष सहित अन्य संबंधितगण उपस्थित रहे।
