मुख्यालय स्तर पर कर्मचारी स्थापना विभाग और क्षेत्रीय स्तर पर बस्ताकोला क्षेत्र को प्राप्त हुआ राजभाषा का ‘चल वैजयंती शील्ड’
धनबाद । कोयला भवन मुख्यालय में आज कॉर्पोरेट स्तरीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की तिमाही समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही के दौरान राजभाषा हिंदी के कार्यान्वयन एवं अनुपालन की प्रगति की समीक्षा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीएमडी बीसीसीएल मनोज कुमार अग्रवाल ने की। इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) मुरली कृष्ण रमैय्या, निदेशक (तकनीकी/संचालन) संजय कुमार सिंह, विभागाध्यक्ष (राजभाषा) मनीष मिश्रा सहित मुख्यालय के महाप्रबंधकगण एवं विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, क्षेत्रीय प्रबंधक (मानव संसाधन), नोडल राजभाषा अधिकारी तथा राजभाषा विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक में निर्धारित एजेंडे के अनुरूप कार्यवाही प्रारंभ की गई। सर्वप्रथम पिछली बैठक के कार्यवृत्त का अनुमोदन किया गया तथा पिछली तिमाही में लिए गए निर्णयों के अनुपालन से संबंधित अनुवर्ती कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत की गई। इसके पश्चात सभी क्षेत्रों एवं मुख्यालय के विभागों से प्राप्त तिमाही हिंदी प्रगति रिपोर्टों की समीक्षा की गई तथा विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
इस दौरान बताया गया कि अधिकांश क्षेत्रों एवं विभागों द्वारा राजभाषा अधिनियम, 1963 की धारा 3(3) एवं राजभाषा नियम, 1976 के नियम 5 का पूर्ण अनुपालन करते हुए हिंदी में प्राप्त पत्रों के उत्तर शत-प्रतिशत हिंदी में दिए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त अंग्रेजी में प्राप्त पत्रों के उत्तर हिंदी में देने, राजभाषा कार्यशालाओं के आयोजन, हिंदी पत्राचार के प्रतिशत में वृद्धि तथा फाइलों पर हिंदी में टिप्पणी लेखन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। बैठक में आगामी ‘राजभाषा पखवाड़ा-2026’ के आयोजन तथा बीसीसीएल की गृह पत्रिका ‘कोयला भारती’ के अंक-44 के प्रकाशन की तैयारियों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम के दौरान प्रथम तिमाही (वित्तीय वर्ष 2026-27) में राजभाषा कार्यान्वयन के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली इकाइयों को ‘चल वैजयंती शील्ड’ से सम्मानित किया गया। मुख्यालय स्तर पर कर्मचारी स्थापना विभाग तथा क्षेत्रीय स्तर पर बस्ताकोला क्षेत्र को यह सम्मान प्रदान किया गया। अपने संबोधन में सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि राजभाषा हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग, उन्नयन एवं विस्तार हम सभी का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों एवं निरंतर प्रतिबद्धता के माध्यम से ही राजभाषा हिंदी का व्यापक प्रचार-प्रसार एवं सतत विकास सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आह्वान किया कि वे पूरे समर्पण एवं प्रतिबद्धता के साथ राजभाषा हिंदी को अपने दैनिक, प्रशासनिक एवं व्यावसायिक कार्यों का स्वाभाविक अंग बनाएं।
विदित हो कि निदेशक (मानव संसाधन) मुरली कृष्ण रमैय्या आगामी 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। बीसीसीएल में आयोजित यह उनका अंतिम औपचारिक राजभाषा कार्यक्रम रहा। इस अवसर पर सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने निदेशक (मानव संसाधन) मुरली कृष्ण रमैय्या को शॉल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया और राजभाषा विभाग में उनके सतत योगदान और कार्यकाल की सराहना की। निदेशक (तकनीकी/संचालन) संजय कुमार सिंह सहित उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मियों ने भी रमैय्या के कार्यकाल एवं उनके योगदान की सराहना करते हुए उनके सुखद, स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए मंगलकामनाएँ व्यक्त कीं। बैठक का संचालन विभागाध्यक्ष (राजभाषा) मनीष मिश्रा और धन्यवाद ज्ञापन राजभाषा विभाग की वरीय अधिकारी (मानव संसाधन) सुश्री सुमेधा भारती ने किया।
