परिमल नथवानी चौथी बार राज्यसभा के लिए झारखंड से निर्वाचित

Spread the love

राज्यसभा के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्दलीय सांसद होने का विशेष रिकॉर्ड

राँची, झारखंड:। परिमल नथवानी झारखंड राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए चौथी बार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य की दो राज्यसभा सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में थे।  नथवानी इससे पहले वर्ष 2008 से 2020 तक झारखंड से निर्दलीय सांसद के रूप में लगातार दो कार्यकाल तक अत्यंत प्रभावी ढंग से सेवा दे चुके हैं। वे राज्यसभा के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्दलीय सांसद होने का विशेष रिकॉर्ड भी रखते हैं। वर्ष 2020 में आंध्र प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के बाद, उनका झारखंड से पुनः निर्वाचित होना राज्य में उनकी महत्वपूर्ण वापसी है।  नथवानी लंबे समय से झारखंड को अपनी “कर्मभूमि” बताते रहे हैं।

अपनी जीत पर उन्होंने  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह, राष्ट्रीय भाजपा अध्यक्ष  नितिन नवीन, झारखंड भाजपा अध्यक्ष  आदित्य साहू, झारखंड विधानसभा में भाजपा विधायक दल के नेता  बाबूलाल मरांडी, भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल तथा भाजपा और एनडीए के सहयोगी दलों के सभी विधायकों का आभार व्यक्त किया। राज्य के लिए अपने विजन और भविष्य की विकास योजनाओं पर परिमल नथवानी ने कहा: “एक दशक से अधिक समय यहां बिताने के बाद झारखंड मेरे लिए नया स्थान नहीं है। यह मेरी कर्मभूमि है। राज्यसभा में एक बार फिर यहां के लोगों की सेवा करने का अवसर मिलने पर मैं स्वयं को सौभाग्यशाली और आभारी महसूस करता हूं। आगे बढ़ते हुए मेरा ध्यान ग्रामीण क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा, जहां हम मजबूत कौशल विकास कार्यक्रमों और कुटीर उद्योगों को पुनर्जीवित कर जमीनी स्तर पर स्थायी आजीविका के अवसर पैदा करना चाहते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा के विकास पर मेरा विशेष ध्यान रहेगा।”

अपने पिछले दो कार्यकालों के दौरान श्री नथवानी ने संसदीय जवाबदेही और सामाजिक विकास का एक नया मानदंड स्थापित किया। उन्होंने सांसद आदर्श ग्राम योजना (एसएजीवाई) के तहत सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (एमपीलैड) का लगभग 100 प्रतिशत उपयोग ग्रामीण विकास, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए किया। एसएजीवाई के तहत उनके द्वारा गोद लिए गए तीन आदर्श ग्राम पंचायत—बड़ाम-जराटोली, चुट्टू और बरवाडाग—तथा वहां कराए गए विकास कार्य न केवल चर्चित बल्कि अनुकरणीय भी रहे हैं। राज्य में उनका सबसे बड़ा योगदान यह रहा कि उन्होंने अपने सांसद निधि के साथ-साथ अपने निजी संसाधनों से भी आईआईएम-रांची में 600 लोगों की क्षमता वाले अत्याधुनिक सेमिनार हॉल के निर्माण हेतु 15 करोड़ रुपये का योगदान दिया।

उन्होंने अपने निजी संसाधनों से 1.07 करोड़ रुपये खर्च कर रातू रोड स्थित जर्जर रांची नगर निगम अस्पताल का पुनर्निर्माण कराया, राज्यभर में स्वास्थ्य उप-केंद्र स्थापित किए तथा कई एम्बुलेंस दान कीं। उन्होंने बड़ाम में तीन मंजिला मॉडल स्कूल, करमटोली में आदिवासी छात्रावास के लिए पुस्तकालय भवन तथा ग्रामीण युवाओं के लिए निःशुल्क कंप्यूटर कौशल केंद्र भी स्थापित किए। सांसद आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत उन्होंने पेयजल के लिए गहरे बोरिंग की व्यवस्था कराई, कई पीसीसी सड़कें बनवाईं, सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए तथा ग्रामीण घरों में सौर लैंप वितरित किए। उन्होंने सरना स्थल, मसना और मड़ई स्थल सहित पवित्र आदिवासी धार्मिक स्थलों का पुनर्निर्माण एवं पुनर्स्थापन कराया। साथ ही स्थानीय युवाओं को सशक्त बनाने के लिए स्टेडियम, स्पोर्ट्स गैलरी और सामुदायिक उद्यानों का निर्माण भी कराया।

इन व्यापक विकास कार्यों के अतिरिक्त, श्री नथवानी संसद में झारखंड के सबसे सक्रिय और मुखर प्रतिनिधियों में से एक रहे हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने राज्यसभा में झारखंड के विकास से जुड़े 1,200 से अधिक प्रश्न उठाए तथा ग्रामीण विकास, सूखा प्रबंधन, ग्रामीण कुपोषण, आधारभूत परियोजनाओं में देरी, न्यायाधीशों के रिक्त पद, विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के आधुनिकीकरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया। झारखंड से तीसरी बार निर्वाचित होकर राज्यसभा में पहुंचने के साथ ही  परिमल नथवानी के रूप में राज्य को एक सशक्त, विकासोन्मुख और दूरदर्शी आवाज मिली है, जो कॉर्पोरेट निवेश, लक्षित जनकल्याण और विकासोन्मुख पहलों को आगे बढ़ाने में सक्षम है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *