धनबाद।कोयला भवन मुख्यालय में आज वित्तीय वर्ष 2025-26 की अंतिम तिमाही की आंतरिक अंकेक्षकों की त्रैमासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता निदेशक (वित्त) राजेश कुमार ने की। इस अवसर पर महाप्रबंधक (वित्त) एम.एस. राजू, विभागाध्यक्ष (आंतरिक अंकेक्षण) श्रीमती श्वेता सिंह, मुख्यालय वित्त विभाग के सभी विभागाध्यक्ष, मुख्यालय के लीड ऑडिटर, आंतरिक अंकेक्षण फर्मों के नामित साझेदार एवं टीम लीडर, क्षेत्रीय एएफएम तथा सभी क्षेत्रीय आंतरिक अंकेक्षक उपस्थित रहे। बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 की अंतिम तिमाही (जनवरी-मार्च 2026) की आंतरिक अंकेक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत की गई तथा उसकी विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के साथ बीसीसीएल में कार्यरत अंकेक्षण फर्मों एवं उनके ऑडिटरों का कार्यकाल पूर्ण होने के संदर्भ में यह वर्तमान ऑडिट टीम के साथ प्रबंधन की अंतिम समीक्षा बैठक रही।
बैठक में विभिन्न अंकेक्षण फर्मों द्वारा पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से क्षेत्रवार अंकेक्षण अवलोकन, प्रमुख उपलब्धियां एवं सुझाव प्रस्तुत किए गए। इन पर उपस्थित अधिकारियों द्वारा गंभीरता से विचार-विमर्श करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए तथा अनुपालन की स्थिति की समीक्षा के साथ आगे की कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई। उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए पीबी एवं पश्चिमी झरिया क्षेत्र के आंतरिक लेखा परीक्षकों को निदेशक (वित्त) द्वारा सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में निदेशक (वित्त) राजेश कुमार ने कहा कि आंतरिक अंकेक्षण किसी भी संगठन में वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। यह न केवल जोखिमों की पहचान करता है, बल्कि संसाधनों के प्रभावी एवं दक्ष उपयोग को भी सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान आंतरिक अंकेक्षण टीम ने अपने कार्यकाल के दौरान सराहनीय योगदान दिया है तथा उनके द्वारा प्रस्तुत अवलोकन संगठन की वित्तीय पारदर्शिता एवं अनुशासन को और सुदृढ़ करने में सहायक होंगे। उन्होंने बीसीसीएल में सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए आंतरिक अंकेक्षण जैसी प्रक्रियाओं की निरंतरता बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। स्वागत संबोधन में विभागाध्यक्ष (आंतरिक अंकेक्षण) श्रीमती श्वेता सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा एवं महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बीसीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत आंतरिक अंकेक्षण फर्मों एवं उनके नामित साझेदारों का तीन वर्षीय कार्यकाल सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ है। सभी ऑडिटर्स ने मुख्यालय, वाशरी डिवीजन एवं विभिन्न क्षेत्रों में समर्पण के साथ अंकेक्षण कार्यों को सफलतापूर्वक पूर्ण किया है, जो संस्थान की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने सभी अंकेक्षकों को उनके सफल कार्यकाल हेतु बधाई दी। समापन सत्र में सभी ऑडिटरों को उनके कार्यकाल पूर्ण करने पर प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। महाप्रबंधक (वित्त) एम.एस. राजू द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया, जिसके साथ बैठक के समापन की घोषणा की गई।
