हाजीपुर । पूर्व मध्य रेल, मुख्यालय/हाजीपुर में क्षेत्रीय रेल राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 87वीं बैठक अमरेन्द्र कुमार, अपर महाप्रबंधक की अध्यक्षता में आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री कुमार ने कहा कि पूर्व मध्य रेल ‘क’ क्षेत्र में स्थित होने के कारण यहाँ अधिकांश कार्य हिंदी में ही होता है फिर भी राजभाषा से संबंधित अनुदेशों का अनुपालन दृढ़तापूर्वक किए जाने की आवश्यकता है. यदि अधिकारीगण छोटे-छोटे आदेश/टिप्पणी हिंदी में लिखें तो हिंदी के प्रयोग-प्रसार की दिशा में एक सकारात्मक माहौल बनेगा और इससे अधीनस्थ कर्मचारी भी हिंदी में कार्य करने के लिए प्रेरित होंगे. हिंदी की व्यापकता और सार्थकता सभी स्वीकारते हैं. अब समय आ गया है कि हम अपना दैनिक कामकाज हिंदी में करें. सरल और सहज शब्दों का प्रयोग करें, क्योंकि भाषा प्राथमिक रूप से अभिव्यक्ति और संवाद का माध्यम है. एक टीम के रूप में कार्य करते हुए हम यह सुनिश्चित करें कि धारा 3 (3) समेत राजभाषा के सभी महत्वपूर्ण निर्देशों का अनुपालन कड़ाई से किया जाए तभी बैठक की सार्थकता सिद्ध होगी.
इस अवसर पर राजभाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए कार्मिक विभाग को अपर महाप्रबंधक द्वारा अंतर्विभागीय राजभाषा चल शील्ड प्रदान किया गया. इसे सुरेश चन्द्र श्रीवास्तव, प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी ने प्राप्त किया. श्रीमती सविता गेडाम, मुख्य राजभाषा अधिकारी सह प्रधान मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर ने अपने वक्तव्य में कहा कि राजभाषा के प्रयोग-प्रसार में आज दृढ़ इच्छाशक्ति की आवश्यकता है. ऐसे बहुत से क्षेत्र हैं जहाँ और अधिक प्रयास करके हिंदी के प्रयोग-प्रसार को बढ़ाए जाने की आवश्यकता है. संघ की राजभाषा नीति के अनुरूप सभी कामकाज शत-प्रतिशत हिंदी में किए जाएं. उन्होंने राजभाषा विभाग द्वारा पिछली तिमाही में किए गए कार्यों का संक्षिप्त ब्यौरा भी दिया.
बैठक का संचालन करते हुए उप महाप्रबंधक (राजभाषा) केशव त्रिपाठी ने कहा कि राजभाषा का प्रचार-प्रसार आपसी सहयोग से ही संभव हो सकता है. मुख्य राजभाषा अधिकारी के मार्गदर्शन और महाप्रबंधक के संरक्षण में राजभाषा विभाग हिंदी के प्रयोग-प्रसार को गति प्रदान करने हेतु निरंतर प्रयासरत है. राजभाषा प्रयोग-प्रसार के इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में पूर्व मध्य रेल के मंडलों, कारखानों आदि के उच्च अधिकारी उपस्थित थे, उन्होंने अपने विभागों, मंडलों आदि में राजभाषा के प्रचार-प्रसार की स्थिति के संबंध में समिति को सूचित किया. इस अवसर पर कई वरिष्ठ रेल अधिकारियों ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए. इसके अलावा क्षेत्रीय राजभाषा प्रतियोगिता में सफल अधिकारी/कर्मचारियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया. बैठक के अंत में धन्यवाद ज्ञापन अनिल कुमार शर्मा, राजभाषा अधिकारी द्वारा दिया गया.
