सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज कचहरी परिसर में दयानंद दयालू साहित्य संस्थान के तत्वावधान में हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को माता हिंदी को समर्पित काव्य संध्या का आयोजन हुआ। आयोजन की अध्यक्षता शिक्षक ओमप्रकाश त्रिपाठी राष्ट्रपति पुरस्कार से पुरस्कृत शिक्षक ने किया। मुख्य अतिथि अजय चतुर्वेदी कक्का, विशिष्ट अतिथि गण दिवाकर दिवेदी मेघ व राकेश शरण मिश्र एड रहे। संचालन शहीद स्थल प्रबंधन ट्रस्ट करारी प्रमुख प्रदुम्न त्रिपाठी एडवोकेट ने किया।
वाणी वंदना करते हुये सुधाकर पांडेय स्वदेश प्रेम ने जयति जय माँ शारदे से स्तवन पश्चात आयोजन का आगाज हुआ। धर्मेश चौहान एड, प्रभात सिंह चंदेल, विवेक चतुर्वेदी, दयानंद दयालू, मदन चौबे ने माता हिंदी को समर्पित रचना पाठ विविधता युक्त कर लोगों का मन मोहा।नव हस्ताक्षर विनोद कुमार ने बेहतरीन काव्य पाठ कर रिझाया।कौशल्या कुमारी चौहान ने अगर किसी से दगा करोगे तुझे मोहब्बत नहीं मिलेगी सुनाकर उर्जा संचरण कीं सराही गयीं। प्रदुम्न कुमार त्रिपाठी ने संचालन करते हुए हिंदुस्तान की भाल है हिंदी सुनाया वाहवाही लूटी। ईश्वर विरागी ने नवगीत से माँ हिंदी का वंदन किया। अजय चतुर्वेदी कक्का ने हास्य व्यंग्य की समसामयिक टिप्पणी व कटाक्ष से खूब तालियां बजवाते रहे। अशोक तिवारी एड ने, खौफ है नहीं कोई धूप में नहाने से तो वहीं दिवाकर दिवेदी मेघ व राकेश शरण मिश्र ने आदमीयत की परिभाषा देकर कविता को नया आयाम दिये। अध्यक्षता करते हुए शिक्षक ओमप्रकाश त्रिपाठी ने हिंदी को समर्पित वक्तव्य व माता हिंदी पर कविता सुनाकर आयोजन को ऊंचाई दिये। तथा हिंदी के दशा, दिशा, दुर्दशा को बिंबित कर हमें हिंदी के प्रति सजग रहने हर जगह प्रयोग करने की वकालत कर अपने अध्यक्षीय काव्य पाठ से आयोजन को विराम दिये।
इस अवसर पर ऋषभ त्रिपाठी, जयशंकर त्रिपाठी, श्याम मोहन पांडेय, नारायण जी मौर्य, गोपाल, बंगाली, फारुख अली, अनीषा चौहान, हर्ष चौहान, राधा प्रसाद चौहान, पुरुषोत्तम, ठाकुर कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
