म्योरपुर, सोनभद्र। स्थानीय ब्लॉक के राजकीय रेशम फार्म देवरीचन में बुधवार को केंद्रीय रेशम बोर्ड भारत सरकार एवं रेशम विकास विभाग उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में “मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0” के तहत एक दिवसीय तसर रेशम जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व केंद्रीय तसर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, पिस्का नगड़ी, रांची के वैज्ञानिक डॉ. हरेन्द्र यादव ने किया। मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख मान सिंह गोंड रहे।
सहायक निदेशक रेशम नागेन्द्र राम ने आगंतुकों एवं किसानों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम का संचालन किया। किसानों को विभागीय सहायता योजनाओं, सहकारी समिति के माध्यम से रेशम से आय अर्जित करने तथा अन्य बहुउद्देशीय गतिविधियों से अतिरिक्त आय बढ़ाने की जानकारी दी गई। वर्तमान वर्ष में लागू न्यूनतम समर्थन मूल्य के बारे में भी किसानों को बताया गया।वर्ष 2025-26 में अधिक कोया उत्पादन करने वाले किसान अनिल कुमार पुत्र कमला प्रसाद को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
डॉ. हरेन्द्र यादव ने चाकी कीटपालन के महत्व, चैकी प्लॉट की तैयारी और कीटपालन में बरती जाने वाली सावधानियों की विस्तार से जानकारी दी।सहायक रेशम विकास अधिकारी पंकज कुमार ने प्रौढ़ कीटपालन, कीट स्थानांतरण तथा कीटपालन के दौरान जीवन सुधा, एलएसएम और चूना-ब्लीचिंग के छिड़काव एवं उसके लाभ बताए। वक्ताओं ने किसानों से वैज्ञानिक तकनीक अपनाकर तसर कीट पालन करने का आह्वान किया। अंत में पंकज कुमार ने सभी अतिथियों और किसानों के प्रति आभार जताया।
मेरा रेशम मेरा अभिमान के तहत एक दिवसीय तसर रेशम जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
