कनिहा,ओडिशा। ओडिशा के फैक्ट्रीज़ एंड बॉयलर्स निदेशालय ने स्टेट लेबर इंस्टीट्यूट के सहयोग और एनटीपीसी तालचेर-कनिहा के समर्थन से,एनटीपीसी कनिहा के ‘दीप तरंग हॉल’ में एक राज्य-स्तरीय कार्यशाला आयोजित की। इसका शीर्षक था, “पावर प्लांट सुरक्षा में नेतृत्व उत्कृष्टता: जोखिम-आधारित प्रबंधन के माध्यम से बड़ी दुर्घटनाओं को रोकना”। इस कार्यक्रम में कुल 116 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी, इंडस्ट्री के एग्जीक्यूटिव और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे। इसका मकसद बिजली उत्पादन केंद्रों में बेहतर और सक्रिय सुरक्षा रणनीतियों और नियमों को बढ़ावा देना था। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि इंद्रमणि त्रिपाठी, IAS (निदेशक, फैक्ट्रीज़ एंड बॉयलर्स, ओडिशा), सम्मानित अतिथि डॉ. मलय कुमार प्रधान (उप-निदेशक, फैक्ट्रीज़ एंड बॉयलर्स, सुरक्षा मुख्यालय) और अजय सिंह यादव (प्रोजेक्ट प्रमुख, एनटीपीसी तालचेर-कनिहा) ने संबोधन दिया।
दिन भर चले विशेष तकनीकी सत्रों में BHEL, ISGEC, एनटीपीसी और यूनिकॉन इंजीनियर्स जैसे संगठनों के प्रतिनिधियों ने महत्वपूर्ण ऑपरेशनल विषयों पर चर्चा की। इनमें पावर प्लांट सुरक्षा, हाई-प्रेशर बॉयलर डिज़ाइन और रखरखाव, CFBC बॉयलर तकनीक और मौजूदा उत्सर्जन मानकों को पूरा करने के लिए वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों को अपग्रेड करना शामिल था। कार्यक्रम का समापन एक इंटरैक्टिव पैनल चर्चा और समापन सत्र के साथ हुआ, जिसका उद्देश्य बड़ी औद्योगिक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जोखिम-आधारित प्रबंधन प्रथाओं को लागू करना था। यह कार्यक्रम डॉ. रमेश कुमार बेहरा (उप-निदेशक, फैक्ट्रीज़ एंड बॉयलर्स, अनुगुल डिवीजन) और मनोज कुमार मिश्रा व माधव चंद्र मल्लिक (सहायक निदेशक, फैक्ट्रीज़ एंड बॉयलर्स, अनुगुल डिवीजन) की देखरेख में आयोजित किया गया।
