हजारीबाग।स्वच्छ परिवेश और स्वस्थ समाज एक-दूसरे के पूरक हैं। इसी विश्वास को साकार करते हुए एनएमएल चट्टी बरियातु कोयला खनन परियोजना ने परियोजना प्रमुख श्री धनंजय श्रीखंडे के नेतृत्व में बिरहोर टोला में एक व्यापक स्वच्छता अभियान का आयोजन किया। यह पहल स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा जनकल्याण को बढ़ावा देने के साथ-साथ समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की परियोजना की सतत प्रतिबद्धता का परिचायक है।
इस अभियान की विशेषता विनोबा भावे विश्वविद्यालय के मानवशास्त्र विभाग की सक्रिय सहभागिता रही। विश्वविद्यालय के मानवशास्त्र विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. गंगानाथ झा के नेतृत्व में एनएसएस के विद्यार्थियों सहित विश्वविद्यालय से लगभग 30 व्यक्तियों ने अभियान में भाग लिया।
प्रो. झा के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर स्वच्छता अभियान चलाया तथा दैनिक व्यक्तिगत स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से साबुन और अन्य व्यक्तिगत स्वच्छता सामग्री का वितरण भी किया। इस पहल ने ग्रामीणों को स्वच्छता एवं व्यक्तिगत स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अभियान में परियोजना के अधिकारियों, स्थानीय ग्रामीणों तथा विश्वविद्यालय के प्रतिभागियों ने मिलकर स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया। प्रतिभागियों के उत्साह ने यह संदेश दिया कि स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में सामूहिक प्रयासों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। केवल सफाई तक सीमित न रहकर यह कार्यक्रम लोगों को स्वच्छता अपनाने, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने तथा पर्यावरण संरक्षण में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करने का भी माध्यम बना।
स्वच्छता अभियान के साथ-साथ एनएमएल सीबीसीएमपी ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहल के अंतर्गत लाभार्थियों के बीच मासिक पोषण किट का वितरण भी किया। इस पहल का उद्देश्य समाज के जरूरतमंद एवं कमजोर वर्गों को पोषण संबंधी सहायता उपलब्ध कराना तथा परियोजना प्रभावित परिवारों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार लाना है।
इस अवसर पर एजीएम (एलएआरआर एवं सीएसआर) नीलमाधब स्वैन, एजीएम (एचआर) विजय किशोर, एजीएम (सीएंडएम) प्रशांत गुप्ता, एजीएम (पीएंडएस) यतीश कुमार सहित परियोजना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने समुदाय के लोगों से संवाद स्थापित करते हुए समावेशी एवं सतत विकास के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता को दोहराया।
इस प्रकार की पहलें यह दर्शाती हैं कि एनएमएल चट्टी बरियातु कोयला खनन परियोजना के लिए विकास केवल खनन गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सरोकारों और सामुदायिक उत्थान को भी समान महत्व दिया जाता है। पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी प्रयासों के माध्यम से परियोजना स्थानीय समुदायों के साथ अपने संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बना रही है तथा उनके जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में निरंतर कार्यरत है। इस अभियान में शैक्षणिक संस्थानों, एनएसएस स्वयंसेवकों और परियोजना प्रशासन की संयुक्त भागीदारी ने यह भी सिद्ध किया कि साझेदारी, जनसहभागिता और सामूहिक प्रयास ही स्थायी सामाजिक परिवर्तन की आधारशिला हैं।
