सोनभद्र । दननआरईसी सोनभद्र में चल रहे तकनीकी कार्यक्रम के दूसरे दिन साइबर सुरक्षा के समकालीन आयामों और विभिन्न क्षेत्रों में इसके अनुप्रयोगों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत व्याख्यान दिए। सत्रों के दौरान डिजिटल युग में डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और नेटवर्क रेजिलिएंस से जुड़ी वर्तमान चुनौतियों और उनके व्यावहारिक समाधानों पर गहन चर्चा हुई। कार्यक्रम के प्रारंभिक तकनीकी सत्र में मुख्य वक्ता डॉ. मैनेजर यादव ने ‘मल्टीमीडिया कंटेंट सिक्योरिटी’ विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि संचार माध्यमों से होने वाले दैनिक डेटा ट्रांसमिशन को ‘विजुअल क्रिप्टोग्राफिक एल्गोरिदम’ के माध्यम से किस प्रकार सुरक्षित किया जा सकता है, जिससे संवेदनशील सूचनाओं की गोपनीयता और अखंडता बनी रहे।
इसके पश्चात, डॉ. अजय प्रताप ने ‘स्मार्ट हेल्थकेयर में गोपनीयता संरक्षण’ विषय पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक चिकित्सा प्रणालियों में मरीजों के व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड्स की सुरक्षा अत्यंत संवेदनशील विषय है। उन्होंने बताया कि मशीन लर्निंग तकनीकों के प्रभावी समन्वय से स्वास्थ्य डेटा की गोपनीयता बनाए रखते हुए भी नैदानिक उपयोगिता को सशक्त बनाया जा सकता है।
अपराह्न के तकनीकी सत्र में डॉ. अजय प्रताप ने वेहिकुलर नेटवर्क्स की सुरक्षा पर वक्तव्य दिया। उन्होंने ‘वेहिकुलर एड-हॉक नेटवर्क्स में होने वाले ‘सिबिल अटैक्स’ से बचाव और नेटवर्क की मजबूती पर विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने कनेक्टेड वेहिकुलर सिस्टम्स में पहचान सत्यापन और सुरक्षित संचार प्रणालियों की महत्ता को रेखांकित किया। तकनीकी सत्रों के अंत में प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से संवाद कर अपनी शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षक डॉ. आमोद कुमार तिवारी, डॉ. आशीष रंजन मिश्रा, डॉ. कल्पना सिंह, सिकंदर, नवनीत उपाध्याय, अन्य शिक्षक एवं बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित रहे।
