*कोल इंडिया के स्थापना दिवस समारोह में कर्मचारियों के लिए पारदर्शी ऑनलाइन स्थानांतरण प्रणाली का शुभारंभ,
आसनसोल, । ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) ने रविवार को कोल इंडिया लिमिटेड एवं ईसीएल का 52वां स्थापना दिवस अपने समृद्ध खनन विरासत, कार्यबल की उत्कृष्टता और तकनीकी परिवर्तन को समर्पित विभिन्न पहलों के साथ मनाया। यह अवसर विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि कंपनी ने कर्मचारियों के लिए एक डिजिटल स्थानांतरण प्रबंधन प्रणाली की शुरुआत की तथा कोल इंडिया स्तर पर सुरक्षा पुरस्कार एवं कॉरपोरेट प्रदर्शन पुरस्कार सहित प्रतिष्ठित सम्मान अर्जित किए।
सांकतोड़िया स्थित ईसीएल मुख्यालय में आयोजित समारोह में निदेशक (मानव संसाधन) गुंजन कुमार सिन्हा मुख्य अतिथि तथा निदेशक (तकनीकी-संचालन) चितरंजन कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी एवं ट्रेड यूनियन प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वजारोहण एवं शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर कोयला खनिकों के बलिदान को नमन करने के साथ हुआ। पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता के प्रतीक स्वरूप गणमान्य अतिथियों एवं ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों का पौधे भेंट कर स्वागत किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह में उत्साह और रंग भर दिए, वहीं विभिन्न संवर्गों में पदोन्नतियों की घोषणा ने कर्मचारियों के योगदान एवं समर्पण को सम्मानित किया।
दिन का एक प्रमुख आकर्षण ‘ईसीएल स्वावलंबन (नॉन-एक्स)’ नामक स्व-सेवा आधारित डिजिटल स्थानांतरण पोर्टल का शुभारंभ रहा, जिसका उद्देश्य मानव संसाधन प्रबंधन में अधिक पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। संकल्प हॉल में निदेशक (मानव संसाधन) श्री गुंजन कुमार सिन्हा द्वारा संयुक्त परामर्शदात्री समिति, कल्याण बोर्ड, सुरक्षा बोर्ड के प्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में इस पोर्टल का उद्घाटन किया गया। यह पहल पारंपरिक कागज-आधारित स्थानांतरण प्रक्रिया के स्थान पर एक सुरक्षित एवं डिजिटल रूप से निगरानी की जाने वाली प्रणाली उपलब्ध कराती है।
यह पोर्टल कर्मचारियों को ऑनलाइन स्थानांतरण आवेदन प्रस्तुत करने एवं उनकी स्थिति की निगरानी करने की सुविधा प्रदान करता है। इसमें ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण, संबंधित वर्तमान एवं प्रस्तावित क्षेत्र के महाप्रबंधकों द्वारा एक साथ आवेदन का प्रसंस्करण तथा स्वचालित समय-सीमा जैसी सुविधाएं शामिल हैं। नई व्यवस्था के तहत आवेदन प्रस्तुत किए जाने के अधिकतम 50 दिनों के भीतर अंतिम अनुमोदन हेतु मुख्यालय तक पहुंचने के लिए प्रक्रिया निर्धारित की गई है। यह प्रणाली सुरक्षित, द्विभाषी एवं डिजिटल रूप से पता लगाए जा सकने वाले स्थानांतरण आदेशों के सृजन की सुविधा भी प्रदान करती है।
इस पहल को कर्मचारी सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए निदेशक (मानव संसाधन) ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने तथा समयबद्ध एवं पारदर्शी सेवा प्रदान करने के महत्व पर बल दिया। इस प्लेटफॉर्म से प्रक्रियागत विलंब में कमी आने और स्थानांतरण प्रक्रिया के प्रति कर्मचारियों के विश्वास को और मजबूत करने की अपेक्षा है।
कोलकाता में आयोजित कोल इंडिया स्थापना दिवस समारोह के दौरान ईसीएल की उपलब्धियों को भी राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। कंपनी को सुरक्षा पुरस्कार एवं कॉरपोरेट प्रदर्शन पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जिन्हें अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक डॉ. सतीश झा ने निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) गिरीश गोपीनाथन नायर, महाप्रबंधक (सुरक्षा) अशोक कुमार तथा सीएमडी के तकनीकी सचिव श्री पार्थ सखा डे के साथ प्राप्त किया। ये सम्मान खनन कार्यों में सुरक्षा तथा कंपनी के समग्र कॉरपोरेट प्रदर्शन को दिए जाने वाले विशेष महत्व को रेखांकित करते हैं।
व्यक्तिगत सम्मानों के अंतर्गत झांझरा क्षेत्र के क्षेत्रीय महाप्रबंधक प्रबीर कुमार मंडल को सर्वश्रेष्ठ क्षेत्रीय महाप्रबंधक के रूप में सम्मानित किया गया। वहीं, महाप्रबंधक (खनन) पार्थ सखा दे को भूमि राजस्व एवं संपदा विभागाध्यक्ष के रूप में उनके योगदान के लिए सर्वश्रेष्ठ विभागाध्यक्ष पुरस्कार प्रदान किया गया। ईसीएल मुख्यालय के महाप्रबंधक (पर्यावरण) मृत्युंजय कुमार को व्यक्तिगत उत्कृष्टता सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों तक भी विस्तारित हुआ। काजोरा क्षेत्र की शावेल ऑपरेटर श्रीमती दुर्गावती राजभर को सर्वश्रेष्ठ महिला ऑपरेटर (एचईएमएम) तथा सतग्राम-श्रीपुर क्षेत्र की वाइंडिंग इंजन ऑपरेटर श्रीमती प्रीति शॉ को सर्वश्रेष्ठ महिला ऑपरेटर (नॉन-एचईएमएम) पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इन सम्मानों ने ईसीएल के कार्यबल के विविध योगदानों को प्रतिबिंबित किया, जिसमें परिचालन नेतृत्व और तकनीकी विशेषज्ञता से लेकर अग्रिम पंक्ति की खनन गतिविधियां शामिल हैं। यह कंपनी के सामूहिक प्रदर्शन में व्यक्तिगत उत्कृष्टता के महत्व को भी रेखांकित करता है।ऐतिहासिक रानीगंज कोयला क्षेत्र में कार्यरत ईसीएल का देश के औद्योगिक एवं ऊर्जा परिदृश्य में एक विशिष्ट स्थान है। वर्ष 1774 में इसी क्षेत्र से भारत में वाणिज्यिक कोयला खनन की शुरुआत हुई थी। ईसीएल के स्थापना दिवस समारोह ने इस सदियों पुरानी खनन विरासत को डिजिटल सुशासन, कार्यस्थल सुरक्षा, कर्मचारी कल्याण और सतत विकास जैसी समकालीन प्राथमिकताओं के साथ जोड़ा।
कोल इंडिया की 52 वर्षों की यात्रा पूर्ण होने के अवसर पर ईसीएल के समारोह ने कोयला क्षेत्र में आकार ले रहे व्यापक परिवर्तन को भी रेखांकित किया, जहां तकनीकी नवाचार और कार्यबल सशक्तिकरण पारंपरिक खनन विशेषज्ञता के पूरक बनते जा रहे हैं। सुरक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर की पहचान, विभिन्न परिचालन क्षेत्रों में व्यक्तिगत उत्कृष्टता के सम्मान तथा कागजरहित कर्मचारी सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के माध्यम से ईसीएल ने एक अधिक सुरक्षित, दक्ष और कर्मचारी-केंद्रित कंपनी के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया है। साथ ही, कंपनी भारत की ऊर्जा सुरक्षा एवं आर्थिक विकास में अपने योगदान को और सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
