विदेशी मुद्रा बचत एवं आर्थिक स्थिरता को मजबूत बनाने हेतु व्यापारियों ने दिया पूर्ण सहयोग का आश्वासन
सोनभद्र। देशहित में प्रधानमंत्री के आह्वान तथा मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुपालन में आज कलेक्ट्रेट सभागार, में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ एवं पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा की उपस्थिति में सर्राफा व्यापारियों, बुलियन कारोबारियों, राज्य कर विभाग के अधिकारियों एवं सर्राफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्तमान वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव तथा सोने के आयात में
संतुलन बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि भारत विश्व के प्रमुख स्वर्ण आयातक देशों में शामिल है तथा प्रतिवर्ष बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा सोने के आयात पर व्यय होती है। वर्तमान समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध, वैश्विक अस्थिरता एवं डॉलर की बढ़ती मांग के कारण आयात लागत में निरंतर वृद्धि हो
रही है, जिससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर अतिरिक्त दबाव उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में ष्ट्रहित सर्वोपरि रखते हुए प्रत्येक नागरिक एवं व्यापारी वर्ग की जिम्मेदारी और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। जिलाधिकारी ने बताया कि बीते कुछ वर्षों में स्वर्ण की कीमतों में लगातार उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिसका प्रभाव आम जनमानस एवं बाजार व्यवस्था पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि यदि बुलियन अर्थात सोना-चांदी की ईंट एवं बिस्कुट की अनावश्यक खरीद-बिक्री तथा निवेश को सीमित किया जाए तो सोने के आयात में कमी लाकर विदेशी मुद्रा की बचत की जा सकती है तथा देश की आर्थिक मजबूती को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकता है। बैठक में उपस्थित सर्राफा
व्यापारियों एवं एसोसिएशन प्रतिनिधियों ने प्रशासन की अपील का स्वागत करते हुए राष्ट्रहित में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। व्यापारियों ने कहा कि सोनभद्र जनपद में अधिकांश व्यापार स्वर्ण एवं रजत आभूषणों की खरीद-बिक्री पर आधारित है, जहां बड़ी संख्या में उपभोक्ता पुरानी ज्वेलरी के बदले नई ज्वेलरी खरीदते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय स्तर पर
बड़े पैमाने पर बुलियन व्यापार नहीं किया जाता है तथा व्यापारी वर्ग सदैव शासन एवं प्रशासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करता रहा है। व्यापारियों ने यह भी कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों एवं युद्ध जनित आर्थिक प्रभावों को देखते हुए वे देशहित को सर्वोपरि मानते हुए शासन एवं प्रशासन द्वारा जारी अपीलों का पालन करेंगे तथा आम जनमानस को भी अनावश्यक बुलियन निवेश से बचने हेतु जागरूक करेंगे। बैठक के दौरान जिलाधिकारी द्वारा व्यापारियों को आश्वस्त किया गया कि प्रशासन द्वारा व्यापारिक गतिविधियों के सुचारू संचालन, सुरक्षा व्यवस्था एवं आवश्यक प्रशासनिक सहयोग को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा। उपस्थित सभी व्यापारियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प व्यक्त किया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के सामान्य होने तक वे प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की अपील के अनुरूप कार्य करते हुए राष्ट्रहित में पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे।
