सिंगरौली, ।ऑन्टोलॉजिकल लीडरशिप फाउंडेशन द्वारा आयोजित दो दिवसीय प्रमुख कार्यक्रम “मास्टरिंग ट्रांसफॉर्मेटिव लीडरशिप” का सफलतापूर्वक समापन 15 एवं 16 अप्रैल 2026 को एनटीपीसी सिंगरौली में हुआ। यह कार्यशाला मध्य एवं वरिष्ठ नेतृत्व के लिए विशेष रूप से आयोजित की गई, जिसमें संगठनात्मक परिवर्तन, नैतिक नेतृत्व एवं विजन-आधारित संस्कृति निर्माण पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
कार्यक्रम के दौरान फाउंडेशन के निदेशक एवं पूर्व कार्यकारी निदेशक(मानव संसाधन), एनटीपीसी लिमिटेड ए. एन. वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि आज के जटिल और परिवर्तनशील कार्य-परिदृश्य में नेतृत्व केवल निर्णय लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति की सोच, दृष्टिकोण और मूल्यों से संचालित होता है। उन्होंने ऑन्टोलॉजिकल सिद्धांतों के माध्यम से नैतिक एवं प्रभावशाली निर्णय-निर्माण, एडैप्टिव लीडरशिप के महत्व, तथा विजन-ड्रिवन संस्कृति के निर्माण पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने प्रतिभागियों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों के अनुरूप नेतृत्व कौशल विकसित करने, संवाद की स्पष्टता बनाए रखने तथा संगठनात्मक परिवर्तन को सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित इंटरैक्टिव सत्रों, सिमुलेशन, केस स्टडी एवं समूह प्रस्तुतियों ने प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया। प्रतिभागियों ने अपने फीडबैक में कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी, प्रासंगिक एवं प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि इससे प्राप्त सीख उनके दैनिक नेतृत्व कार्यों में तुरंत लागू की जा सकेगी। उन्होंने विशेष रूप से कार्यक्रम की सहभागितापूर्ण शैली और वास्तविक उदाहरणों को अत्यंत प्रभावशाली बताया।
कार्यक्रम के शुभारंभ में संदीप नायक, परियोजना प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक, एनटीपीसी सिंगरौली ने अपने संदेश में कहा कि एनटीपीसी सिंगरौली जैसे बड़े एवं गतिशील परियोजना में परिवर्तनकारी नेतृत्व की आवश्यकता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस प्रकार की कार्यशालाओं को समय की मांग बताते हुए कहा कि इससे न केवल नेतृत्व क्षमता का विकास होता है, बल्कि संगठन को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।
समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए सिद्धार्थ मंडल, मानव संसाधन प्रमुख, एनटीपीसी सिंगरौली ने कहा कि यह कार्यशाला केवल ज्ञानार्जन का माध्यम नहीं, बल्कि नेतृत्व दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन का एक सशक्त मंच है। उन्होंने प्रतिभागियों को प्राप्त ज्ञान को व्यवहार में उतारने, टीमों को प्रेरित करने तथा संगठनात्मक उद्देश्यों के साथ स्वयं को जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस प्रकार के कार्यक्रम संगठन में नवाचार, सहयोग एवं उत्कृष्टता की संस्कृति को सुदृढ़ करते हैं।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. ओम प्रकाश, उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन) द्वारा किया गया एवं प्रतिभागियों को प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान के अनुपालन पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के संयोजन में राहुल प्रसाद, उप महाप्रबंधक,कर्मचारी विकास केंद्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनके समन्वय एवं सक्रिय सहयोग से कार्यक्रम का सफल आयोजन सुनिश्चित हुआ। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि संकाय ए. एन. वर्मा एवं योगी बालकृष्ण के प्रति उनके ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी सत्रों के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।
यह कार्यशाला प्रतिभागियों में नेतृत्व क्षमता को सुदृढ़ करने, संगठनात्मक परिवर्तन को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई।
