ललित कला अकादमी ने 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में 20 ललित कला अकादमी पुरस्कारों की घोषणा की

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नई दिल्ली। ललित कला अकादमी (राष्ट्रीय कला अकादमी) भारत में समकालीन दृश्य कला की सबसे प्रतिष्ठित वार्षिक प्रदर्शनियों में से एक, 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी (एनईए) का आयोजन कर रही है। यह प्रदर्शनी कलाकारों को अपनी रचनात्मक कला को प्रदर्शित करने तथा दर्शकों को देश की विविध एवं विकसित होती दृश्य कला से जुड़ने के लिए एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करती है। 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी को पूरे भारत के कलाकारों से अत्यधिक समर्थन मिला है। अकादमी को 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 2,495 कलाकारों से 6,175 कलाकृतियाँ प्राप्त हुईं। एक सख़्त चयन प्रक्रिया के बाद, प्रथम-स्तरीय जूरी ने प्रदर्शनी में प्रदर्शन के लिए 270 कलाकृतियों का चयन किया।

चयनित कृतियां चित्रकला, मूर्तिकला, प्रिंटमेकिंग, ड्राइंग और मिक्स- मीडियम सहित विभिन्न प्रकार की कलात्मक पद्धतियों, सामग्रियों और तकनीकों को दर्शाती हैं। यह प्रदर्शनी समकालीन भारतीय कलात्मक अभिव्यक्ति की समृद्धि और नए माध्यमों, विचारों एवं रूपों के साथ कलाकारों के निरंतर जुड़ाव को प्रदर्शित करती है। पुरस्कार के लिए कलाकृतियों को चुनने के लिए बनाई गई द्वितीय-स्तरीय जूरी ने ललित कला अकादमी पुरस्कारों के लिए 20 कलाकारों की 20 कलाकृतियों को चुना।

65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के पुरस्कार विजेता

क्रम संख्याकलाकारपुरस्कृत कलाकृतिमाध्यमश्रेणी
1चंद्र शेखर सैनमाई एंटायर वर्ल्ड – Iटेराकोटाप्रतिमा
2गोपाल चंद्र नस्करद  ट्यून ऑफ़ द श्रीमद भगवद गीताकैनवस पर ऐक्रेलिकपेंटिंग
3किशोर कुमार नरखादीवालापर्यावरणतैल चित्रपेंटिंग
4मृणाल डेहोपलेस सेटलमेंटकैनवस पर ऐक्रेलिकपेंटिंग
5निधि चोपड़ाटैंजिबल ड्रीम्ससिरेमिकप्रतिमा
6निमाई सिंह सरुंगबममुद्रा – Iसागौन की लकड़ीप्रतिमा
7पंकज कुमार शर्माहेलोएड ट्रैवलर – IIIपैनल वर्क्सचित्र
8पूजा राजपूतप्रकृति शोषणसफ़ेद संगमरमरप्रतिमा
9प्रवीण कुमारवेयर द वॉल्स रिमेंबरमिक्स्ड मीडियमपेंटिंग
10प्रीतम मधुकर देउसकरऑफ़ टाइम एंड द सिटीनक्काशीप्रिंटमेकिंग
11राजेंद्र प्रसादसुजाता विद बुद्धवॉटर कलर (वॉश)पेंटिंग
12रमेश विट्ठल थोराटशीर्षकहीन – IIतैल चित्रपेंटिंग
13रविराम रामकृष्णनफिशरवुमनकॉपर, ऑक्सीकृत, वेल्डेडप्रतिमा
14संजय कुमारव्हेन मेमोरीज कम बैक – 7मिक्स्ड मीडियमपेंटिंग
15संजय कुमार साहनीयूथतैल चित्रपेंटिंग
16संजीब कुमार गोगोईआकार निरंकार– IIऐक्रेलिक & तैल चित्रपेंटिंग
17सांता देबअट्रेक्शन ऑफ़ सिम्पलिसिटीसिरेमिकप्रतिमा
18सिद्धार्थ शाहजीराव शिंगाडेट्रीजमिक्स्ड मीडियमपेंटिंग
19उषारंजन मंडलव्हील ऑफ़ ए क्राउडेड सिटीमिक्स्ड मीडियमकोई अन्य माध्यम
20विजेंद्र शर्मालाइफ 2025तैल चित्रपेंटिंग

65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी न केवल कलात्मक पहचान का एक मंच है, बल्कि यह भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी योगदान देती है। कलाकारों, दर्शकों, संग्राहकों और संस्थानों को एक साथ लाकर यह प्रदर्शनी कलाकारों के लिए अधिक पहचान और व्यावसायिक अवसर पैदा करती है। कलाकृतियों का प्रदर्शन और बिक्री भी कलाकारों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ प्राप्त करने में सक्षम बनाती है, जिससे उनके कलात्मक काम को सहयोग मिलता है और दृश्य कला के लिए एक अधिक संवहनीय इकोसिस्टम बनाने में मदद मिलती है।

यह प्रदर्शनी स्थापित और उभरते दोनों प्रकार के कलाकारों को प्रोत्साहित करने, नए प्रयोगों को बढ़ावा देने और विविध कलात्मक आवाज़ों को एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के प्रति ललित कला अकादमी की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कलाकारों की भागीदारी राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के विशिष्ट राष्ट्रीय स्वरूप को और मजबूत करती है। ललित कला अकादमी सभी पुरस्कार विजेताओं और प्रतिभागी कलाकारों को बधाई देती है और 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के लिए कृतियों का चयन करने में निर्णायक मंडल के सदस्यों के बहुमूल्य योगदान का आभार व्यक्त करती है।

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