सुशासन तिहार : धमतरी के समाधान शिविरों में उमड़ा जनसैलाब,1070 आवेदनों का हुआ त्वरित निपटारा

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बेलरगांव और मेघा क्लस्टर में ग्रामीणों को मिला योजनाओं का स्थल पर ही लाभ, आयुष्मान कार्ड और कृषि उपकरणों का वितरण

रायपुर।  छत्तीसगढ़ शासन की मंशानुसार अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए आयोजित सुशासन तिहार 2026 धमतरी जिले में मील का पत्थर साबित हो रहा है। जिले के कुरूद और मगरलोड विकासखंडों में आयोजित क्लस्टर स्तरीय समाधान शिविरों में ग्रामीणों का भारी उत्साह देखा गया। बेलरगांव और मेघा में आयोजित इन शिविरों में प्राप्त कुल 1070 आवेदनों में से अधिकांश का निराकरण मौके पर ही कर दिया गया।

*बेलरगांव शिविर 12 पंचायतों की मांगों का तत्काल समाधान

         कुरूद विकासखंड के ग्राम पंचायत बेलरगांव में आयोजित शिविर में 12 पंचायतों के ग्रामीण शामिल हुए। प्रशासन की तत्परता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ प्राप्त 393 आवेदनों में से 384 का निराकरण मौके पर ही कर दिया गया। शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण किट, शिक्षा विभाग द्वारा उपकरण किट और स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। साथ ही, टीबी मरीजों को विशेष श्फूड बास्केटश् भी प्रदान किए गए।

 *शिकायतों और मांगों पर त्वरित एक्शन*

          मगरलोड विकासखंड के मेघा क्लस्टर शिविर में 18 से अधिक ग्राम पंचायतों के ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। यहाँ प्राप्त 677 आवेदनों (667 मांग और 10 शिकायतें) में से 515 का तत्काल समाधान किया गया। शिविर में 7 नवीन राशन कार्ड, दिव्यांगों को वॉकर और 3 पेंशन स्वीकृति आदेश जारी किए गए। इसके अलावा मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम कार्ड और 10 ड्राइविंग लाइसेंस भी मौके पर प्रदान किए गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 60 लोगों का सिकल सेल परीक्षण किया गया और 8 बुजुर्गों को श्आयुष्मान वय वंदन कार्डश् वितरित किए गए।

*जनप्रतिनिधियों और प्रशासन का साझा प्रयास*

       शिविरों में जनपद अध्यक्षों, जिला पंचायत सदस्यों और स्थानीय सरपंचों ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया। जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि लंबित आवेदनों को भी समय-सीमा के भीतर निराकृत किया जाएगा, ताकि सुशासन की अवधारणा धरातल पर पूरी तरह चरितार्थ हो सके।

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