जनवरी से सितंबर 2026 तक चोरी के 130 मामले दर्ज, 120 मामलों का खुलासा कर 260 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया*
प्रयागराज । उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल में रेलवे संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से रेलवे सुरक्षा बल द्वारा *‘आपरेशन रेल सुरक्षा’* के अंतर्गत निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन में रेलवे संपत्ति के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम, चोरी की घटनाओं का पता लगाने तथा संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
इस अभियान के अंतर्गत *जनवरी से सितंबर 2026* तक प्रयागराज मंडल में रेलवे संपत्ति की चोरी के कुल *130 मामले पंजीकृत* किए गए। इन मामलों में चोरी गई रेलवे संपत्ति का कुल अनुमानित मूल्य 12,20,608 रुपये आंका गया। रेलवे सुरक्षा बल द्वारा प्रभावी कार्रवाई करते हुए इनमें से 120 मामलों का खुलासा किया गया तथा 9,94,443 रुपये मूल्य की चोरी गई रेलवे संपत्ति बरामद की गई। इस दौरान कुल 260 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
इसी क्रम में *सितंबर 2026* के दौरान रेलवे संपत्ति की चोरी के कुल *11 मामले पंजीकृत* किए गए, जिनमें चोरी गई संपत्ति का अनुमानित मूल्य 68,973 रुपये था। रेलवे सुरक्षा बल की कार्रवाई के परिणामस्वरूप इनमें से 6 मामलों का खुलासा किया गया तथा 46,973 रुपये मूल्य की चोरी गई रेलवे संपत्ति बरामद की गई। इस अवधि में कुल 13 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
रेलवे संपत्ति की चोरी से न केवल रेलवे को आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि रेल परिचालन एवं यात्री सुविधाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए आरपीएफ द्वारा संवेदनशील स्थानों पर निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि तथा चोरी की घटनाओं में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
प्रयागराज मंडल द्वारा रेलवे संपत्ति की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। रेलवे प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, चोरी करने अथवा संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों की जानकारी मिलने पर इसकी सूचना रेलवे सुरक्षा बल या संबंधित रेल अधिकारियों को दें, ताकि रेलवे संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग मिल सके।
