रक्षा मंत्री एवं मुख्यमंत्री ने 19 करोड़ रु0 की लागत से 02 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में निर्मित नौसेना शौर्य वाटिका का लोकार्पण किया

Spread the love

लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका का उद्घाटन सम्मान व गौरव का क्षण,आने वाले समय में यह शौर्य वाटिका न केवल लखनऊ के लिए एक प्रेरणास्थल बनेगी, बल्कि एक टूरिस्ट हब के लखनऊ की पहचान बनेगी: रक्षा मंत्री

देश की नौसेना ’नभः स्पृशं दीप्तम्’ अर्थात ‘आकाश कीऊंचाइयों को छूने’ की विराट सोच की प्रतीक : मुख्यमंत्री

लखनऊ: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां जल सीमाओं के सजग प्रहरियों की वीरता, अदम्य साहस एवं आधुनिक तकनीकी दक्षता को समर्पित 19 करोड़ रुपये की लागत से 02 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में निर्मित नौसेना शौर्य वाटिका (नौसेना शौर्य संग्रहालय का द्वितीय चरण) का लोकार्पण किया।
रक्षा मंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका का उद्घाटन सम्मान व गौरव का क्षण है। आने वाले समय में यह शौर्य वाटिका न केवल लखनऊ के लिए एक प्रेरणा स्थल बनेगी, बल्कि एक टूरिस्ट हब के लखनऊ की पहचान बनेगी। यह सभी चीजें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बढ़ते हुए उत्तर प्रदेश की तस्वीर है। उत्तर प्रदेश तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। लखनऊ अब तहजीब व संस्कृति का शहर होने के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति व सैन्य गौरव का भी प्रतीक बन रहा है।

रक्षा मंत्री जी ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश बदल चुका है। आज यह ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ के लिए जाना जाता है। यह परिवर्तन मुख्यमंत्री जी के मजबूत नेतृत्व का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने जिस प्रकार प्रदेश की कानून व्यवस्था को सम्भाला है, वह स्वयं में मिसाल हैै। उत्तर प्रदेश की जनता महसूस करती है कि प्रदेश अब लहलहा व जगमगा रहा है तथा तेजी से आगे बढ़ रहा है। पहले उत्तर प्रदेश की पहचान गुण्डाराज तथा बिगड़ी हुई कानून-व्यवस्था से होती थी। लोग भय के माहौल में जीते थे। निवेशक प्रदेश की खराब कानून व्यवस्था के कारण निवेश करने से कतराते थे। प्रदेेश वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया के लिए जाना जाने लगा था।
रक्षा मंत्री ने कहा कि जब शौर्य वाटिका निर्माण प्रस्तावित हुआ था, तब मुख्यमंत्री ने अत्यन्त सकारात्मक प्रतिक्रिया दिखायी। जो राष्ट्र अपनी सेनाओं का सम्मान करता है, वही दुनिया में सम्मान प्राप्त करता है। इस भाव के साथ मुख्यमंत्री जी ने शौर्य वाटिका के लिए प्राइम लोकेशन पर भूमि उपलब्ध करायी। रिकॉर्ड समय में इस कार्य को पूरा करवाने के लिए मुख्यमंत्री जी सराहना के पात्र हैं। आमतौर पर जब हम भारतीय नौसेना का नाम सुनते हैं, तो हमारे मन में समुद्र की लहरें, मुम्बई का गेटवे ऑफ इण्डिया, विशाखापट्टनम का बन्दरगाह और कोच्चि के जहाज का स्मरण होता है। आम धारणा के अनुसार नेवी का अस्तित्व समुद्री इलाकों तक ही सीमित है, तो फिर लखनऊ जैसे समुद्र से दूर स्थित शहर में शौर्य वाटिका आवश्यकता क्यों पड़ी। इसका जवाब देश के इतिहास व भूगोल की गहरी समझ में छिपा है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि इस पार्क में सब कुछ वास्तविक है। यहां असली युद्ध सामग्री है, जो कभी आई0एन0एस0 गोमती की शान थी। पोत के अन्दर जाने पर  विशालकाय मिसाइल दिखेगी, जो दुश्मन के जहाजों पर सटीक वार करने में पूरी तरह से सक्षम है। इसके टारपीडो ट्यूूब पानी के अन्दर घात लगाकर बैठी पनडुब्बियों का सफाया कर सकते हैं। इसके रडार सैकड़ों किलोमीटर दूर से आते खतरे को पहले ही भांप लेते थे। मुख्य तोप की गर्जना सुनकर दुश्मन के होश उड़ जाते थे। इसके अलावा नेवी में प्रयोग होने वाले सर्विलांस एयरक्राफ्ट, मल्टीरोल हेलीकॉप्टर और टारपीडो आदि अब लखनऊ की धरती पर स्थापित हो चुके हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा कि यह पार्क कोई साधारण पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि एक जीवन्त प्रेरणा स्थल है। यह शौर्य वाटिका आने वाली पीढ़ियों को आजादी और सुरक्षा की कीमत बताएगी। ऐसे में यह शौर्य वाटिका हमें सोचने पर मजबूर करेगी कि सैनिकों  की वजह से हमारी जिन्दगी सुरक्षित है। हमारी जिंदगी में उनका बहुत बड़ा योगदान है। सबसे पहली और आवश्यक चीज हमारी सुरक्षा होती है, जो हमारी सेनाएं हमें प्रदान कर रही हैं। इसी कारण हम यहां सुरक्षित वातावरण में त्यौहार मना पाते हैं, व्यापार कर पाते हैं और अपने बच्चों को ठीक से पढ़ा पाते हैं।
रक्षा मंत्री जी ने कहा कि जब हमारी नई पीढ़ी उन्हें देखेगी और अपने हाथों से स्पर्श करेगी, तो उनके अन्दर राष्ट्र निर्माण का जोश उत्पन्न होगा। आज रूस-यूक्रेन विवाद और मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के साथ-साथ सम्पूर्ण दुनिया में उथल-पुथल मची है, जो हमें यह संदेश दे रही है कि दुनिया की शांति और समृद्धि की चाभी समुद्री मार्गों की सुरक्षा में निहित है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की राजधानी लखनऊ आने वाला प्रत्येक व्यक्ति यहां भारत की परम्परा, विरासत और सुरक्षा से जुड़े हुए स्थल देखना चाहेगा, तो नौसेना शौर्य वाटिका उसका नया केन्द्र बनेगा। आई0एन0एस0 गोमती लम्बे समय तक भारतीय नौसेना में रहकर समुद्री सुरक्षा करते हुए वर्ष 2022 में नौसेना से सेवानिवृत्त हुआ। सेवानिवृत्ति के पश्चात इस पोत को लखनऊ की जीवनदायिनी गोमती नदी के तट पर स्थापित किया गया है। जब व्यक्ति बड़ी सोच व बड़े लक्ष्य के साथ आगे बढ़ता है, तो उसके सकारात्मक परिणाम आते हैं। यह देश व प्रदेश के युवाओं को प्रेरणा प्रदान करने वाला अवसर है। उन्हें यहां भारत की नौसेना के बारे में जानकारी मिलेगी। पता चलेगा कि किन सम-विषम परिस्थितियों में हमारे सैनिक कार्य करते हैं। यह जीवन की चुनौतियों से जूझने की प्रेरणा देगा। इस अवसर पर ले0ज0 अनिंद्य सेनगुप्ता, वाइस एडमिरल सी0आर0 प्रवीण नायर, ले0ज0 सी0जे0 जयचन्द्रन, मेजर जनरल मनीष कुकरेती, सांसद डॉ0 दिनेश शर्मा व बृज लाल, विधान परिषद सदस्य इं0 अवनीश कुमार सिंह, मुकेश शर्मा, श्री उमेश द्विवेदी, राम चन्द्र प्रधान, डॉ0 लालजी प्रसाद निर्मल, विधायक श्रीमती जयदेवी, योगेश शुक्ला, डॉ0 राजेश्वर सिंह, ओ0पी0 श्रीवास्तव, अमरेश कुमार,  लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *