चन्दौली। दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विकास भवन सभागार में ‘जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव 2026’ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन, दुग्ध विकास विभाग तथा पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता डीसी मनरेगा रवींद्र चतुर्वेदी ने की। कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य जनपद में डेयरी व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाना, उन्नत नस्ल सुधार, पशु पोषण, आधुनिक डेयरी प्रसंस्करण और पशुपालकों को सरकारी योजनाओं व वित्तीय सहायता से जोड़ना रहा।
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र रघुवंशी ने साइलेज निर्माण, संतुलित पशु आहार, पशु रोग नियंत्रण और कृत्रिम गर्भाधान पर व्यावहारिक जानकारी दी। मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. योगेश कुशवाहा एवं उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. रंजीत पाल ने पशु रोगों की पहचान, रोकथाम, टीकाकरण और विभागीय योजनाओं के बारे में बताया। इंडियन बैंक के अधिकारी श्री राजीव सिंह ने ‘राष्ट्रीय गोकुल मिशन’, ‘किसान क्रेडिट कार्ड (KCC – पशुपालन)’ और स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी साझा की। योजनाओं का विवरण व चयन पत्र वितरण: वरिष्ठ दुग्ध निरीक्षक श्री ज्वाला कुमार यादव, राजकीय दुग्ध पर्यवेक्षक मनोज पटेल व मगन सिंह ने ‘नन्द बाबा दुग्ध मिशन’, ‘मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना’, ‘मिनी नंदिनी’ व ‘नंदिनी कृषक समृद्धि योजना’ के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान ‘मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना 2026-27’ में चयनित 14 महिला और 14 पुरुष लाभार्थियों को चयन व अनुमति पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कहा कि डेयरी उद्योग केवल कृषि का पूरक नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। आधुनिक तकनीक अपनाकर किसान कम लागत में बेहतर दुग्ध उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। इस आयोजन में जनपद भर से सैकड़ों किसानों, दुग्ध उत्पादक समितियों के प्रतिनिधियों, पशु चिकित्सकों और कृषि वैज्ञानिकों ने भाग लिया।
