कोयला भवन मुख्यालय में समन्वय बैठक का आयोजन

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उत्पादन, परिचालन दक्षता, वित्तीय प्रदर्शन एवं वार्षिक लक्ष्यों की समीक्षा, सुरक्षा और उत्पादकता पर विशेष जोर

धनबाद। कोयला भवन मुख्यालय में आज कंपनी की परिचालन गतिविधियों, उत्पादन प्रगति, वित्तीय प्रदर्शन तथा भावी कार्ययोजना की समीक्षा के उद्देश्य से समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सीएमडी बीसीसीएल  मनोज कुमार अग्रवाल ने की। इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन)  मुरली कृष्ण रमैया, निदेशक (तकनीकी/संचालन)  संजय कुमार सिंह, निदेशक (वित्त)  राजेश कुमार, निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना)  राजीव कुमार सिन्हा, क्षेत्रीय महाप्रबंधक, कोयला भवन मुख्यालय के महाप्रबंधकगण, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान सभी क्षेत्रों के परिचालन प्रदर्शन की पॉवरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से समीक्षा की गई। इस दौरान कोयला उत्पादन, डिस्पैच एवं गुणवत्ता, परिवहन क्षमता, वाशरी प्रदर्शन, सुरक्षा, नई एवं आगामी पैचों की स्थिति, लागत में कमी, राजस्व संवर्धन, क्षेत्रवार वित्तीय प्रदर्शन, मानसून तैयारियाँ, वर्षा के दौरान निर्बाध उत्पादन, क्षमता उपयोग, झरिया मास्टर प्लान के क्रियान्वयन की प्रगति, कैपेक्स तथा उत्पादन वृद्धि के लिए अपेक्षित सहयोग सहित सभी प्रमुख परिचालन संकेतकों पर विचार-विमर्श किया गया। सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधकों के साथ वार्षिक कार्य योजना के अनुरूप लक्ष्य बनाम उपलब्धि की समीक्षा की गई। साथ ही लक्ष्यों की प्राप्ति में आने वाली चुनौतियों, उनके समाधान, संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा आवश्यक सहयोगात्मक उपायों पर भी चर्चा की गई।

बैठक में पिछली समीक्षा बैठक के निर्णयों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा के साथ लंबित बिंदुओं के शीघ्र अनुपालन के निर्देश दिए गए। सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों एवं पूर्व निर्णयों के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई तथा विशेष रूप से वाशरियों के माध्यम से वॉश्ड कोल यील्ड को अधिकतम करने, प्रत्येक स्तर पर कोयले की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा उत्पादन एवं गुणवत्ता मानकों में सतत सुधार लाने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश दिए। सीएमडी ने निर्देश दिया कि सभी संविदा कार्यों का संचालन निर्धारित वर्क शेड्यूल के अनुसार सुनिश्चित किया जाए तथा उनकी नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने सभी क्षेत्रों में संचालित हायर्ड पैचों के कार्यों की समीक्षा कर यह सुनिश्चित करने को कहा कि उनका संचालन भी निर्धारित वर्क शेड्यूल के अनुरूप हो। उन्होंने उत्पादकता एवं लाभप्रदता बढ़ाने पर विशेष बल देते हुए परिचालन दक्षता में निरंतर सुधार के निर्देश दिए। साथ ही घाटे में संचालित हायर्ड माइंस की समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने तथा सभी संविदा कार्यों का भुगतान निर्धारित कार्य-कार्यक्रम एवं कार्य प्रगति के अनुरूप ही करने के निर्देश दिए।

इसके अतिरिक्त, सीएमडी ने झरिया मास्टर प्लान के अंतर्गत पुनर्वासित परिवारों के आजीविका सशक्तिकरण पर बल देते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार रोजगार उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि कंपनी के विभिन्न क्षेत्रों में अतिरिक्त सीआईएसएफ बल की तैनाती की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। कोयला चोरी पर प्रभावी नियंत्रण के कारण ई-नीलामी के माध्यम से कोयले की बिक्री बढ़ी है तथा बेहतर प्रीमियम प्राप्त हुआ है, जिससे कंपनी के राजस्व पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। अपने संबोधन में सीएमडी ने कहा कि कोयला उत्पादन, डिस्पैच तथा देश की ऊर्जा सुरक्षा और इस्पात क्षेत्र की मजबूती के लिए निर्बाध परिचालन गतिविधियाँ कंपनी की प्रगति और वित्तीय सुदृढ़ता का आधार हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों से टीम भावना, उत्तरदायित्व और समर्पण के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि मानसून से पहले ही सभी क्षेत्रों में पम्पिंग, केबलिंग, जल निकासी तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जा चुकी हैं। उन्होंने सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधकों को निर्देश दिया कि सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करते हुए खदानों में जल-जमाव एवं अन्य संभावित परिस्थितियों का प्रभावी समाधान किया जाए, ताकि उत्पादन एवं अन्य परिचालन गतिविधियाँ बिना किसी व्यवधान के संचालित होती रहें। उन्होंने कहा कि एमएमडीआर अधिनियम में व्यापक संशोधन के उपरांत अवैध खनन एवं अन्य अवांछित गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। उन्होंने सभी क्षेत्रों को उपलब्ध अनुकूल परिस्थितियों का लाभ उठाते हुए कंपनी के निर्धारित उत्पादन एवं डिस्पैच लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सीएमडी ने उपलब्ध संसाधनों के अधिकतम एवं दक्षतापूर्ण उपयोग, परिचालन दक्षता में निरंतर सुधार तथा समयबद्ध कार्य निष्पादन पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित, पारदर्शी एवं उत्तरदायी कार्य संस्कृति के साथ निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति ही कंपनी की सतत प्रगति तथा राष्ट्रीय ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति का आधार है। धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक का समापन हुआ।

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