सीईआरसी प्रतिनिधिमंडल ने किया एनटीपीसी विंध्याचल का दौरा, तकनीकी नवाचार और सामाजिक पहल की सराहना

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सोनभद्र, सिंगरौली। केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (CERC) के चेयरपर्सन जिष्णु बरुआ एवं सचिव हरप्रीत सिंह प्रुथी ने 19 एवं 20 सितंबर 2026 को एनटीपीसी विंध्याचल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विद्युत उत्पादन के साथ-साथ स्टेशन द्वारा किए जा रहे तकनीकी नवाचार, सतत विकास एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के कार्यों का अवलोकन किया।
सीईआरसी प्रतिनिधिमंडल ने एनटीपीसी विंध्याचल के व्यू प्वाइंट, स्टेज-III कंट्रोल रूम तथा कार्बन-टू-मेथनॉल सुविधा का भ्रमण किया। स्टेज-III कंट्रोल रूम में उन्होंने युवा अभियंताओं से संवाद कर उनके कार्यों एवं अनुभवों की जानकारी ली। कार्बन-टू-मेथनॉल परियोजना में किए जा रहे नवाचार एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी प्रतिनिधिमंडल ने सराहा।
इस अवसर पर आयोजित एसएमसी बैठक में एनटीपीसी विंध्याचल की प्रमुख उपलब्धियों, उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों, सतत राख उपयोग, राख प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों, सीएसआर गतिविधियों तथा स्टेशन द्वारा प्राप्त विभिन्न प्रतिष्ठित पुरस्कारों एवं सम्मानों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में किशोर कुमार होता, कार्यकारी निदेशक (विंध्याचल) एवं श्रीमती रूमा दे शर्मा, महाप्रबंधक (मानव संसाधन) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
दौरे के दौरान सीईआरसी नेतृत्व ने एनटीपीसी विंध्याचल की सीएसआर पहलों के अंतर्गत किए जा रहे जनकल्याणकारी कार्यों में भी सहभागिता की। 13 सितंबर 2026 को जिष्णु बरुआ एवं  हरप्रीत सिंह प्रूथी, किशोर कुमार होता, कार्यकारी निदेशक (विंध्याचल) एवं श्रीमती रूमा दे शर्मा, महाप्रबंधक (मानव संसाधन) की उपस्थिति में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (DDRC) एवं ओपन शेल्टर होम पहुंचे। यहां जरूरतमंद लाभार्थियों को श्रवण यंत्र, मोटराइज्ड ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर एवं स्टेशनरी किट वितरित किए गए।
इसी क्रम में सूर्य भवन गेस्ट हाउस में कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास, बलियरी की छात्राओं को साइकिल वितरित की गईं। इस पहल से छात्राओं को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ उनकी शिक्षा तक पहुंच को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
एनटीपीसी विंध्याचल की ये पहलें यह दर्शाती हैं कि ऊर्जा उत्पादन के साथ समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना भी संस्थान की प्राथमिकताओं में शामिल है। सीईआरसी नेतृत्व का दौरा विंध्याचल की तकनीकी क्षमता, नवाचार, पर्यावरणीय प्रतिबद्धता एवं सामाजिक सरोकारों के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता का परिचायक रहा।

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