–एनआरसी में कुपोषित बच्चों की भर्ती बढ़ाने और मातृ-शिशु मृत्यु का अनिवार्य ऑडिट कराने पर जोर
सोनभद्र। मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में उन्होंने अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन रोकने, मातृ एवं शिशु मृत्यु का अनिवार्य ऑडिट कराने तथा कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराने के निर्देश दिए।
सीडीओ ने जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव के सापेक्ष कम से कम 90 प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का भुगतान आगामी बैठक से पहले सुनिश्चित करने को कहा। चतरा, चोपन, दुद्धी और घोरावल में प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) पंजीकरण की धीमी प्रगति पर संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए 90 प्रतिशत से अधिक पंजीकरण का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।
ब्लॉक स्तर पर वरिष्ठ एवं कनिष्ठ सहायकों तथा लेखा लिपिकों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने वेतन रोकने और स्पष्टीकरण लेने को कहा। वहीं, एनआरसी में अति कुपोषित बच्चों की कम भर्ती पर आरबीएसके की प्रत्येक टीम को प्रति सप्ताह कम से कम एक गंभीर तीव्र कुपोषित (एसएएम) बच्चे को भर्ती कराने का लक्ष्य दिया। आगामी माह में किसी टीम द्वारा एक भी बच्चे को भर्ती नहीं कराने पर मानदेय रोकने और वाहन जिला मुख्यालय से संबद्ध करने की चेतावनी दी गई।
सीडीओ ने प्रत्येक मातृ एवं शिशु मृत्यु का अनिवार्य ऑडिट कर रिपोर्ट जिला स्वास्थ्य समिति के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा। मृत्यु के आंकड़े छिपाने या सूचना देने में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
गर्भवती महिलाओं की देखभाल के लिए सभी ब्लॉकों में कॉल सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इनके माध्यम से गर्भावस्था के सातवें, आठवें और नौवें माह में महिलाओं को फोन कर पोषण, जांच और संस्थागत प्रसव के प्रति जागरूक किया जाएगा। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं से नियमित संपर्क रखने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा पांच नवंबर तक पल्स पोलियो अभियान की कार्ययोजना तैयार करने, परिवार नियोजन शिविरों में नसबंदी कार्यक्रम तेज करने, टीबी मरीजों को पोषण पोटली उपलब्ध कराने तथा स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की आभा आईडी बनवाने पर जोर दिया गया।
सीडीओ ने कहा कि पात्र व्यक्तियों तक स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पहुंचाना अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, अपर एवं उप मुख्य चिकित्साधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और सभी ब्लॉकों के प्रभारी चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे।
