प्रयागराज / उत्तर मध्य रेलवे (उ.म.रे), प्रयागराज के केन्द्रीय चिकित्सालय में विशेष अभियान 6.0 (एवं भारतीय रेल के स्वच्छता पखवाड़ा) अभियान के अंतर्गत ANHA वैचैरिटेबल ब्लड बैंक, प्रयागराज के सहयोग से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्घाटन डॉ. राकेश निगम, चिकित्सा निदेशक, केन्द्रीय चिकित्सालय, उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज तथा डॉ. सुरेन्द्र नाथ, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक/ उ.म.रे / प्रयागराज द्वारा किया गया।

इस अवसर पर डॉ. मंजुलता हांडू, अपर मुख्य दंत शल्य चिकित्सक तथा डॉ. उषा एस. पी. यादव, अपर मुख्य स्वास्था निर्देशक शिविर में रक्तदान करने वाली प्रथम दो महिला चिकित्सकों में शामिल रहीं। इस पहल का उद्देश्य स्वैच्छिक रक्तदान को प्रोत्साहित करना तथा जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिहित करने में रेलवे कर्मचारियों की सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। रक्तदान करने वाले सभी दाताओं को जलपान एवं प्रशस्ति प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। एक रक्तदाता ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “रक्तदान करके हमें अपार संतुष्टि मिलती है, क्योंकि इसके माध्यम से हम समाज के प्रति अपना योगदान दे पाते हैं और जरूरतमंद मरीजों की सहायता कर सकते हैं।”
इस पहल के संबंध में डॉ. उषा एस. पी. यादव, अपर मुख्य स्वास्थ्य निदेशक माइक्रोबायोलॉजी ने कहा, किसी के रक्तदान से किसी की जान बच सकती है। गंभीर परिस्थितियों में केवल सहानुभूति जीवन नहीं बचा सकती, लेकिन रक्त बचा सकता है। रक्त की प्रत्येक यूनिट किसी जरूरतमंद का जीवन बचाने में सहायक हो सकती है। सेवा की इसी भावना ने हमारे कर्मचारियों को शिविर में उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए प्रेरित किया।”
इस अवसर पर डॉ. कल्पना मिश्रा, अपर मुख्य स्वास्थ्य निदेशक/ उत्तर मध्य रेलवे डॉ. मृत्युंजय कुमार, अपर मुख्य स्वास्थ्य निदेशक उत्तर मध्य रेलवे डॉ. एस. एस. नायक, अपर मुख्य स्वास्थ्य निदेशक/ उत्तर मध्य रेलवे सहित केन्द्रीय चिकित्सालय के अन्य चिकिासक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस शिविर के आयोजन में डेविड नवीन तिवारी, मुख्य प्रयोगशाला अधीक्षक, एस. एस. शॉ. यू. के. भारती की पवन केशरी एवं श्रीमती रेखा कन्नौजिया ने प्रयोगशाला टीम तथा केन्द्रीय चिकित्सालय के इनडोर स्टाफ के सहयोग सो महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह शिविर स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व को रेखांकित करने के साथ-साथ समाज कल्याण एवं मानवीय सेवा के प्रति रेलवेये कर्मचारियों की प्रतिबद्धत्ता का भी परिचायक रहा।
