पूर्व विधायक ने बिजली विभाग के लापरवाही से हो रही मौत को बताया हत्या
सोनभद्र। जिले में बिजली विभाग की कथित लापरवाही अब लोगों की जान पर भारी पड़ने लगी है। जर्जर तार, झुके हुए खंभे, खुले बिजली उपकरण और अधिकारियों की उदासीनता के चलते आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन विभाग चेतने को तैयार नहीं है। ताजा मामला कोन क्षेत्र के पड़रछ गांव का है, जहां नीचे लटक रहे 11 हजार वोल्ट के तार की चपेट में आने से 15 वर्षीय किशोर संदीप की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों का भारी दबाव पड़ने के बाद संबंधित जेई के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव व पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने प्रेस वार्ता कर बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिले में विद्युत विभाग की लापरवाही लगातार लोगों की जान ले रही है, लेकिन हर हादसे के बाद केवल जांच और कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला दबा दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि गरीबों और किसानों से भारी बिजली बिल वसूलने में विभाग बेहद सक्रिय रहता है, लेकिन जब जनता जर्जर तारों, टूटे खंभों और बिजली संबंधी खतरों की शिकायत करती है तो अधिकारी आंखें मूंद लेते हैं। परिणाम स्वरूप मासूम बच्चों, महिलाओं और संविदा कर्मियों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है।
पूर्व सदर विधायक अविनाश कुशवाहा ने बताया कि 6 जून को पड़रछ गांव के ग्रामीणों ने समाधान दिवस में नीचे लटक रहे 11 हजार वोल्ट के तार को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए, लेकिन विभाग ने कोई कदम नहीं उठाया। नतीजा यह हुआ कि 9 जून को किशोर संदीप पुत्र रामआसरे करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद सपा कार्यकर्ताओं के आक्रोश को देखते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करना पड़ा। कुशवाहा ने कहा कि ऐसे लापरवाह अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
