राज्यमंत्री समाज कल्याण संजीव कुमार गौड़ ने परिजनों को सौंपे सहायता राशि के चेक, अंतिम संस्कार के लिए भी 25-25 हजार रुपये दिए गए
अहरौरा, मिर्जापुर। थाना क्षेत्र भगौतीदेई में स्थित एक क्रेशर प्लांट के पास डग/कक्ष के ढहने से चार श्रमिकों की मौत की हृदयविदारक घटना के बाद जिला प्रशासन की ओर से मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। रविवार को प्रदेश के राज्यमंत्री समाज कल्याण संजीव कुमार गौड़ ने मृत श्रमिकों के परिजनों को 15-15 लाख रुपये की सहायता राशि के चेक सौंपे। इसके साथ ही मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए 25-25 हजार रुपये अतिरिक्त सहायता राशि भी प्रदान की गई।
हादसे में चार श्रमिकों की असमय मृत्यु के बाद उनके परिवारों में शोक का माहौल है। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक राहत उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की। इसी क्रम में रविवार को आयोजित कार्यक्रम में राज्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सहायता राशि के चेक प्रदान किए।
राज्यमंत्री द्वारा मृत श्रमिकों के परिजनों कविता, किरन देवी, कुसुम कली विश्वकर्मा एवं संगीता को क्रमशः 15-15 लाख रुपये सहायता राशि तथा 25-25 हजार रुपये अंतिम संस्कार हेतु दिए गए। सहायता राशि जिला प्रशासन के माध्यम से एस.एस. रंजन क्रेशर कम्पनी की ओर से उपलब्ध कराई गई।
इस अवसर पर राज्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में शासन और प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मिलने वाली अन्य सहायता एवं सुविधाएं भी समय से उपलब्ध कराई जाएं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।
ज्ञात हो कि 05 सितम्बर 2026 को अहरौरा क्षेत्र स्थित क्रेशर प्लांट के पास एक डग/कक्ष के अचानक ढह जाने से चार श्रमिक मलबे में दब गए थे, जिससे उनकी मौके पर ही दुखद मृत्यु हो गई थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे थे और राहत एवं बचाव कार्य कराया गया था। हादसे के बाद घटना के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है।
रविवार को सहायता राशि वितरण के दौरान जिला खान अधिकारी जितेन्द्र सिंह सहित मिर्जापुर और सोनभद्र जनपद के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से घटना की परिस्थितियों और सुरक्षा मानकों से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
चार श्रमिकों की मौत से क्षेत्र में शोक की लहर है। वहीं, मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें तत्कालिक आर्थिक संकट से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
