मेजा, । “समृद्धि के लिए सत्यनिष्ठा (Probity for Prosperity)” विषय पर आयोजित सतर्कता जागरूकता अभियान 2026 के अंतर्गत मेजा ऊर्जा निगम प्राइवेट लिमिटेड (एम यू एन पी एल) द्वारा मेजा तापीय विद्युत परियोजना में वार्षिक संविदाकार सम्मेलन (Vendor Meet) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पारदर्शिता, नैतिक व्यावसायिक आचरण तथा विक्रेताओं के साथ सुदृढ़ सहभागिता को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ एम यू एन पी एल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जी. श्रीनिवास राव द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर अशोक कुमार सामल, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण), शरद सिंह, महाप्रबंधक (परियोजना), समीर शर्मा, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं ईंधन प्रबंधन), विवेक चंद्रा, विभागाध्यक्ष (मानव संसाधन) तथा राम अनुग्रह शुक्ला, सहायक कमांडेंट (सीआईएसएफ) सहित वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी एवं विक्रेता समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में वरिष्ठ प्रबंधन ने मेजा ऊर्जा निगम प्राइवेट लिमिटेड की परिचालन उत्कृष्टता की दिशा में विक्रेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए गुणवत्ता, सुरक्षा, सत्यनिष्ठा तथा कार्यों एवं सेवाओं के समयबद्ध निष्पादन के महत्व पर बल दिया।
कार्यक्रम में सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) से खरीद को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न पहलों – विशेष रूप से महिला स्वामित्व वाले तथा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति स्वामित्व वाले एमएसई की भागीदारी बढ़ाने, गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के माध्यम से उपलब्ध खरीद अवसरों, नए श्रम संहिताओं के अंतर्गत मानव संसाधन संबंधी अनुपालनों एवं आवश्यकताओं तथा सतर्कता जागरूकता से संबंधित नैतिक व्यावसायिक आचरण एवं निवारक सतर्कता उपायों पर विभिन्न प्रस्तुतियों द्वारा विस्तृत जानकारी साझा की गई।
अनुबंध एवं सामग्री (सी एंड एम) विभाग द्वारा नीरज कुमार, महाप्रबंधक (सी एंड एम) के सक्षम नेतृत्व में आयोजित इस सम्मेलन ने विक्रेताओं को अपने सुझाव एवं प्रतिक्रियाएं साझा करने हेतु एक प्रभावी संवाद मंच प्रदान किया। प्रतिभागियों को व्यवसाय करने में सुगमता, पारदर्शिता तथा उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु मेजा ऊर्जा निगम प्राइवेट लिमिटेड की निरंतर प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया गया।
कार्यक्रम का समापन सत्यनिष्ठा, जवाबदेही एवं निष्पक्ष व्यावसायिक प्रक्रियाओं के उच्चतम मानकों के प्रति एम यू एन पी एल की प्रतिबद्धता को पुनः दोहराते हुए किया गया। साथ ही सतत विकास एवं राष्ट्र निर्माण के लिए दीर्घकालिक और मजबूत साझेदारियों को बढ़ावा देने का संकल्प व्यक्त किया गया।
