तथा कोयला एवं खान राज्यमंत्री द्वारा सीएमपीडीआई की समीक्षा बैठक
रांची ।कोयला एवं खान राज्यमंत्री सतीश चन्द्र दुबे की उपस्थिति में सीएमपीडीआई और एमईसीएल के बीच कोयला और अन्य खनिजों के संवर्धन हेतु एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया। इससे दोनों प्रमुख गवेषण एजेंसियों के बीच सहभागिता आगे और बढ़ेगी तथा ऊर्जा एवं गैर-ऊर्जा संबंधी खनिजों की खोज में सुगमता आएगी। इन गवेषण गतिविधियों से कोयला एवं अन्य खनिजों के राष्ट्रीय भंडार में वृद्धि होगी और अधिक खदानें खोलने में सहायता मिलेगी। यह प्रयास भारत की खनिज सम्पदा की खोज कर आत्मनिर्भर भारत अभियान की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

समीक्षा बैठक के दौरान, सीएमपीडीआई द्वारा वर्ष 2025-26 के दौरान गवेषण, रिपोर्ट की तैयारी],पूंजीगत व्यय, अनुसंधान एवं विकास परियोजनाएं, सीएसआर पहल और सौर परियोजनाएं जैसे विभिन्न परिचालन क्षेत्रों में किए गए कार्यों को चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों के साथ प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर मंत्री ने सीएमपीडीआई के प्रदर्शन की सराहना की और भारत में क्रिटिकल मिनरल्स की खोज के साथ, कोयले की गैसीकरण और कोयले की शुष्क धुलाई (ड्राई वाश) को तत्परता से लागू करने पर बल दिया। साथ ही] खानों को बंद करने की गतिविधियों में मछली पालन और मखाना की खेती को बढ़ावा देने पर भी बल दिया ताकि स्थानीय लोगों की आजीविका प्राप्त करने का अवसर मिल सके।
इस मौके पर सीएमपीडीआई की ओर से संस्थान के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक चौधरी शिवराज सिंह, निदेशक (तकनीकी/पीएंडडी) अजय कुमार, निदेशक (तकनीकी/ईएस) राजीव कुमार सिन्हा, निदेशक (तकनीकी/सीआरडी) नृपेन्द्र नाथ, निदेशक (तकनीकी/आरडीएंडडी] बीडी) आनंद मोहन, सीसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक निलेन्दु कुमार सिंह तथा एमईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक आई0डी0 नारायण के अलावा सीएमपीडीआई, सीसीएल एवं एमईसीएल के वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
