पांच दशक बाद भी किसानों के खेत प्यासे, कनहर के पानी का इंतजार

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 27.75 करोड़ की परियोजना की लागत बढ़कर 3394.65 करोड़ रुपये पहुंची, जनवरी 2027 से किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने का दावा

दुद्धी,सोनभद्र। देश में डिजिटल इंडिया और बुलेट ट्रेन की रफ्तार की चर्चा के बीच सोनभद्र की कनहर सिंचाई परियोजना पांच दशक बाद भी किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने में नाकाम साबित हुई है। वर्ष 1976 में 27.75 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण आज तक पूरा नहीं हो सका है। तीन पीढ़ियां गुजर गईं, लेकिन आदिवासी और सीमांत किसान अब भी सिंचाई के पानी का इंतजार कर रहे हैं। दुद्धी तहसील के अमवार में कनहर नदी पर प्रस्तावित इस बांध का शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने किया था। शुरुआती वर्षों में ही पूरा होने वाली परियोजना दशकों तक सरकारी फाइलों और निर्माण संबंधी अड़चनों में उलझी रही। वर्ष 2014 में निर्माण कार्य को गति मिली तो किसानों में उम्मीद जगी कि अब उनके खेतों तक पानी पहुंचेगा, लेकिन सितंबर 2026 बीतने के बाद भी यह इंतजार खत्म नहीं हुआ।

   27 करोड़ से बढ़कर 3394 करोड़ पहुंची लागत

परियोजना की सबसे बड़ी विडंबना इसकी लगातार बढ़ती लागत है। शुरुआत में महज 27.75 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली योजना का बजट संशोधित होते-होते अब 3394.65 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। लागत में इस भारी बढ़ोतरी को लेकर क्षेत्र के किसानों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। किसानों का आरोप है कि परियोजना की लेटलतीफी का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है, जबकि अधिकारियों और ठेकेदारों को लगातार लाभ मिल रहा है।

दिसंबर तक निर्माण पूरा करने का दावा

सिंचाई विभाग के मुताबिक मुख्य बांध का निर्माण पूरा हो चुका है और स्पिलवे पर 16 रेडियल गेट भी लगाए जा चुके हैं। वर्तमान में 57.10 किलोमीटर लंबी मुख्य नहर, 47.75 किलोमीटर लंबी शाखा नहरों और जल सुरंगों का निर्माण अंतिम चरण में बताया जा रहा है। शासन ने दिसंबर 2026 तक परियोजना पूरी करने तथा जनवरी 2027 से किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की समय-सीमा निर्धारित की है। दावा है कि परियोजना से दुद्धी और ओबरा ब्लॉक के 108 गांवों की 35 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित होगी।

नई समय-सीमा पर भी किसानों को संशय

पांच दशक के लंबे इंतजार के बाद अब किसानों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जनवरी 2027 में वास्तव में उनके खेतों तक कनहर का पानी पहुंचेगा? इससे पहले भी कई बार समय-सीमाएं तय हुईं, लेकिन नतीजा किसानों को नहीं मिला। ऐसे में नई समय-सीमा को लेकर भी ग्रामीणों में संशय बना हुआ है। कनहर सिंचाई परियोजना के अधिशासी अभियंता ई. विनोद कुमार ने बताया कि बांध निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है और फिलहाल टेस्टिंग चल रही है। जल्द ही किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाया जाएगा।

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