संबलपुर/ महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) ने अपनी सीएसआर पहल के अंतर्गत सुंदरगढ़ जिला प्रशासन के साथ ₹22.64 करोड़ की पाँच विकासात्मक परियोजनाओं के क्रियान्वयन हेतु समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन परियोजनाओं में काटा बांध (₹4.32 करोड़), ब्राह्मणी बांध (₹3.98 करोड़) तथा अब्दुल हुसैन बांध (₹2.69 करोड़) का पुनरुद्धार एवं सौंदर्यीकरण; हेमगीर ब्लॉक के खनन प्रभावित क्षेत्रों में मीठे पानी की अंतर्देशीय मत्स्य पालन को बढ़ावा देना (₹3.81 करोड़); तथा तलसरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत तालाबों का नवीनीकरण, सुधार एवं निर्माण (₹7.84 करोड़) शामिल हैं। समझौता ज्ञापनों पर एमसीएल के महाप्रबंधक (सीएसआर) तथा सुंदरगढ़ के जिलाधिकारी एवं जिला दंडाधिकारी ने हस्ताक्षर किए।
मिशन अमृत सरोवर के उद्देश्यों के अनुरूप, जल निकायों के पुनरुद्धार से जल संरक्षण को सुदृढ़ करने, भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देने तथा स्थानीय पर्यावरण में सुधार लाने का लक्ष्य है। इन पहलों से जनसुविधाओं में वृद्धि के साथ-साथ मनोरंजन, लघु पर्यटन तथा स्थानीय आर्थिक गतिविधियों के विकास के अवसर भी सृजित होंगे। प्रस्तावित कार्यों में तटबंधों का संरक्षण, पथों का निर्माण, स्नान घाटों का विकास, पत्थर की पिचिंग, रेलिंग एवं बैठने की व्यवस्था, विद्युत संबंधी कार्य तथा उद्यानिकी विकास शामिल हैं।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के उद्देश्यों के अनुरूप प्रस्तावित मीठे पानी की अंतर्देशीय मत्स्य पालन परियोजना से 700 से अधिक लघु किसानों तथा किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के सदस्यों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मत्स्य पालन आधारित आजीविका को सुदृढ़ करने के लिए इस परियोजना के अंतर्गत 50 नए तालाबों का निर्माण तथा 20 मौजूदा तालाबों का नवीनीकरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, महिला स्व-सहायता मत्स्य बीज उत्पादन इकाइयों एवं कस्टम हायरिंग केंद्रों की स्थापना, एक एक्वा बिजनेस स्कूल तथा एक मत्स्य कृषक उत्पादक संगठन (एफएफपीओ) का गठन भी प्रस्तावित है। इन पहलों का उद्देश्य क्षमता विकास, उद्यमिता तथा सतत आय सृजन को प्रोत्साहित करना है।
इन पहलों के माध्यम से एमसीएल का लक्ष्य जल संसाधन प्रबंधन को सुदृढ़ करना, सतत आजीविका को बढ़ावा देना, महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को प्रोत्साहित करना तथा सुंदरगढ़ जिले के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति प्रदान करना है। ये परियोजनाएँ समावेशी विकास के प्रति एमसीएल की प्रतिबद्धता को दोहराती हैं और इसके परिचालन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले समुदायों के लिए दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
