उत्तर प्रदेश के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य को सशक्त बनाने के लिए यूपीनेडा और सीएसई ने आयोजित की कार्यशाला

Spread the love

*नवीकरणीय ऊर्जा, बैटरी भंडारण और कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना पर विशेषज्ञों ने किया मंथन*

*प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, कम्प्रेस्ड बायो गैस और पीएम-कुसुम सी-1 योजना में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर: यूपीनेडा*

लखनऊ। उत्तर प्रदेश को स्वच्छ, सतत एवं ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) द्वारा सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) के सहयोग से सोमवार को होटल मैरियट, लखनऊ में ‘उत्तर प्रदेश के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य को सशक्त बनाना’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में नवीकरणीय क्रय बाध्यता (आरपीओ), नवीकरणीय उपभोग बाध्यता (आरसीओ), ऊर्जा भंडारण बाध्यता (ईएसओ), बैटरी भंडारण तथा कार्बन क्रेडिट एवं ट्रेडिंग योजना (सीसीटीएस) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार-विमर्श किया। इसमें प्रदेश भर के सरकारी विभागों, संबंधित बाध्यकारी संस्थाओं, सौर ऊर्जा उत्पादकों, ओपन एक्सेस एवं कैप्टिव विद्युत उपभोक्ताओं सहित 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

*उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में स्थापित कर रहा नई पहचान*

कार्यशाला में यूपीनेडा के सचिव पंकज सिंह ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए आयोजन के उद्देश्यों एवं प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निरंतर उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। प्रदेश प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, कम्प्रेस्ड बायो गैस संयंत्र तथा पीएम-कुसुम सी-1 योजना में देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार के साथ-साथ निर्धारित लक्ष्यों के प्रभावी अनुपालन, ऊर्जा भंडारण और नवीन तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यशाला का उद्घाटन यूपीनेडा के निदेशक रवीन्द्र सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा की बढ़ती मांग नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार को गति दे रही है, लेकिन इसके साथ ऊर्जा दक्षता पर ध्यान देना भी अत्यंत आवश्यक है। ऊर्जा दक्षता के माध्यम से कार्बन उत्सर्जन में प्रभावी कमी लाई जा सकती है। हालांकि, इसके वास्तविक प्रभाव का आकलन करना कई बार चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कार्यशाला से प्रतिभागियों को बैटरी भंडारण, कार्बन क्रेडिट एवं ट्रेडिंग योजना तथा नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े नवीनतम नियामकीय प्रावधानों की जानकारी प्राप्त होगी, जिससे प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा संबंधी पहलों को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

*आरपीओ अनुपालन, बैटरी भंडारण और कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग पर विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव*

कार्यशाला में यूपीपीसीएल के निदेशक (कॉर्पोरेट प्लानिंग) दीपक रायजादा ने नवीकरणीय क्रय बाध्यता (आरपीओ) के निर्धारित लक्ष्य हासिल करने की दिशा में यूपीपीसीएल की प्रगति तथा इस दौरान सामने आने वाली चुनौतियों की जानकारी दी। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट के निदेशक निवित यादव ने सीएसई की भूमिका, संचालित पहलों और आरपीओ अनुपालन के क्षेत्र में प्राप्त उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। निदेशक (टैरिफ) सर्बजीत सिंह ने आरपीओ अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए प्रवर्तन व्यवस्था एवं शिकायत निवारण से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी।

भारत सरकार के ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के वरिष्ठ सेक्टर विशेषज्ञ अवधमणि पांडेय ने कार्बन क्रेडिट एवं ट्रेडिंग योजना के विभिन्न प्रावधानों तथा इसके अंतर्गत शामिल क्षेत्रों के बारे में विस्तार से बताया। इंडिया एनर्जी स्टोरेज अलायंस के अध्यक्ष देबमाल्या सेन ने ऊर्जा भंडारण बाध्यता, बैटरी भंडारण की उपयोगिता तथा बैटरी प्रबंधन से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए। वहीं, बलरामपुर चीनी मिल्स एवं वैकमेट इंडिया के प्रतिनिधियों ने आरपीओ अनुपालन के संबंध में अपने अनुभव और सफलता की कहानियां प्रस्तुत कीं। राजस्थान एवं ओडिशा के क्षेत्र विशेषज्ञों ने अपने-अपने राज्यों में नवीकरणीय ऊर्जा संबंधी विनियमों और उनके अनुपालन की व्यवस्थाओं पर जानकारी साझा की। उन्होंने इन राज्यों में अपनाई जा रही प्रक्रियाओं एवं अनुभवों के आधार पर उत्तर प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों की प्राप्ति और अनुपालन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की।

*निगरानी, रिपोर्टिंग और बेहतर अनुपालन व्यवस्था पर रहा विशेष जोर*

कार्यशाला में आरपीओ पोर्टल, नवीकरणीय ऊर्जा की खरीद, ऊर्जा भंडारण बाध्यता, नवीकरणीय उपभोग बाध्यता तथा कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रतिभागियों ने अनुपालन से संबंधित व्यावहारिक चुनौतियों, निगरानी एवं रिपोर्टिंग तंत्र को मजबूत बनाने और उद्योगों में अपनाई जा रही सर्वोत्तम पद्धतियों पर विचार-विमर्श किया। इन चर्चाओं का उद्देश्य प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ संबंधित संस्थाओं को नियामकीय प्रावधानों के अनुपालन के लिए सक्षम बनाना रहा।यूपीनेडा के वरिष्ठ ऊर्जा सलाहकार गिरीश कुमार ने कार्यशाला का संचालन किया और आरपीओ पोर्टल पर विस्तृत प्रस्तुति दी। यूपीनेडा के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी राकेश अग्रवाल ने कार्यशाला में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *