मुख्यमंत्री ने कुशीनगर में नारायणी नदी के ए0पी0 तटबंध टूटने से बाढ़ की त्रासदी से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया

Spread the love

बांध कटान स्थल का हवाई सर्वेक्षण किया, बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री किट व लंच पैकेट वितरित किये

राहत सहायता, बचाव कार्य, स्वास्थ्य, आवास, फसल क्षति तथा तटबंध की सुरक्षा से जुड़े कार्यों में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी : मुख्यमंत्री


लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद कुशीनगर में नारायणी नदी के ए0पी0 तटबंध टूटने से बाढ़ की त्रासदी से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बांध कटान स्थल का हवाई सर्वेक्षण किया और बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री किट व लंच  पैकेट वितरित किये। उन्होंने सामग्री वितरण स्थल पर बाढ़ प्रभावितों से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि काफी वर्षों के उपरान्त इस प्रकार की बाढ़ की स्थिति आयी है। नेपाल से अचानक अधिक पानी आने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उम्मीद है कि शीघ्र ही इसमें राहत मिलेगी। आपदा की इस घड़ी में पूरी सरकार प्रभावित लोगों के साथ है। प्रशासन हर सम्भव सहायता के लिए उनके साथ खड़ा है। जनप्रतिनिधि भी प्रभावित क्षेत्रों में रहकर सहयोग कर रहे हैं। राहत सहायता, बचाव कार्य, स्वास्थ्य, आवास, फसल क्षति तथा तटबंध की सुरक्षा से जुड़े कार्यों में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

प्रशासन कल से ही स्थिति पर नजर रखे हुए था। राहत एवं बचाव के लिए एन0डी0आर0एफ0 की 02 टीमें, एस0डी0आर0एफ0 की 02 टीमें और पी0ए0सी0 की फ्लड यूनिट तैनात की गई है। सम्पूर्ण जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग के सभी अभियन्ता राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। ए0पी0 तटबंध टूटने की जानकारी मिलते ही प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्वयं पीड़ितों के बीच पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया गया है। पीड़ित परिवारों के लिए राहत कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। राहत दल मौके पर कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रभावित परिवारों के लिए राहत सामग्री के 5,000 पैकेट उपलब्ध कराये गये हैं। प्रत्येक पैकेट में 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, 02 किलो दाल, लाई, चना, तेल, मसाले, नमक, बाल्टी सहित 35 आइटम्स हैं। प्रत्येक पैकेट का कुल वजन लगभग 50 किलो है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को सहायता देने का निर्णय लिया है। यदि कहीं जनहानि हुई है तो आपदा की श्रेणी में सम्बन्धित परिवार को तत्काल धनराशि उपलब्ध कराई जाए। जनहानि होने पर 04 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिस परिवार का मकान पूरी तरह नष्ट हो गया है, उसे ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ या ‘मुख्यमंत्री आवास योजना’ के अन्तर्गत नया आवास उपलब्ध कराया जाए। जिन परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और जिनकी मरम्मत सम्भव है, उन्हें मरम्मत के लिए धनराशि उपलब्ध कराई जाए। 15-16 गांवों में बड़े पैमाने पर फसल, खासतौर पर धान, गन्ना तथा सब्जी की फसल प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि फसल क्षति का सर्वे कराकर पीड़ित किसानों को अगले 10 दिन में मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। इसमें किसी प्रकार की देरी न की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान स्थिति से निपटने के साथ-साथ भविष्य के लिए भी स्थायी समाधान पर कार्य किया जाए। यदि सम्भव हो तो नारायणी नदी को ड्रेजिंग करके चैनलाइज किया जाना चाहिए। नदी में जो सिल्ट है, उसे दोनों तरफ डाल दिया जाए। इससे किसानों के खेतों को भी नुकसान नहीं होगा और नदी चैनलाइज हो जाएगी। नदी गहरी होने के बाद आगे अपनी राह स्वयं बना लेगी और सम्पूर्ण क्षेत्र भविष्य के लिए सुरक्षित हो सकेगा। इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, सांसद शशांक मणि व विजय कुमार दूबे, विधायक डॉ0 असीम कुमार व सुरेन्द्र कुमार कुशवाहा सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *