लालपुर–मलासा–पुखरायां–चौरा रेलखंड में 23.61 रूट किलोमीटर पर ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली का सफल कमीशनिंग

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  प्रयागराज । मंडल रेल प्रबंधक, झांसी मंडल  अनिरुद्ध कुमार के मार्गदर्शन में झांसी मंडल के लालपुर–मलासा–पुखरायां–चौरा रेलखंड में आधुनिक ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली (EI/OC आधारित) विद ड्यूल डिटेक्शन बाय MSDAC का सफलतापूर्वक कमीशनिंग किया गया। यह प्रणाली 21 सितंबर 2026 से प्रभावी हो गई है। इससे रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित, सुगम, कुशल एवं उच्च क्षमता वाला बनाने में मदद मिलेगी।

इस परियोजना के अंतर्गत कुल 23.61 रूट किलोमीटर के रेलखंड को तीन ऑटोमेटिक ब्लॉक सेक्शनों में विभाजित किया गया है—

लालपुर (LLR)–मलासा (MLS) – 5.40 रूट किलोमीटर मलासा (MLS)–पुखरायां (PHN) – 9.80 रूट किलोमीटर पुखरायां (PHN)–चौरा (CNH) – 8.41 रूट किलोमीटर

इस आधुनिक सिग्नलिंग व्यवस्था में Electronic Interlocking (EI) तथा MSDAC (Multi Section Digital Axle Counter) आधारित ड्यूल ट्रैक डिटेक्शन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। परियोजना के अंतर्गत कुल 8 लेवल क्रॉसिंग गेटों को इंटरलॉक किया गया है, जिससे इन समपार फाटकों पर संरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।

*यह परियोजना Project Unit कानपर द्वारा कमीशन की गई है*

ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग से प्रमुख लाभ

1. रेल परिचालन की क्षमता में वृद्धि: ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग के माध्यम से एक ब्लॉक सेक्शन को छोटे-छोटे ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सेक्शनों में विभाजित किया जाता है। इससे ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए एक ही रेलखंड पर अधिक ट्रेनों के संचालन की सुविधा मिलती है और लाइन क्षमता में वृद्धि होती है।

2. ट्रेनों के संचालन में सुगमता और गति: नई व्यवस्था से ट्रेनों को अगले स्टेशन तक पूरे ब्लॉक सेक्शन के खाली होने की प्रतीक्षा कम करनी पड़ती है। इससे ट्रेनों के आवागमन को अधिक सुचारु बनाने और परिचालन समय में सुधार करने में सहायता मिलेगी।

3. संरक्षा में वृद्धि: MSDAC आधारित ड्यूल डिटेक्शन से ट्रैक पर ट्रेन की स्थिति तथा ट्रैक के खाली/व्यस्त होने का अधिक विश्वसनीय पता लगाने में सहायता मिलती है। इससे सिग्नलिंग प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ती है और मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता कम होती है।

4. लेवल क्रॉसिंग पर सुरक्षा मजबूत: इस परियोजना में 8 लेवल क्रॉसिंग गेटों का इंटरलॉकिंग किया गया है। इसके अतिरिक्त छह लेवल क्रॉसिंग गेटों पर Approach Locking एवं Approach Warning की सुविधा प्रदान की गई है, जिससे ट्रेन के आने की स्थिति में समपार फाटक संचालन की सुरक्षा और बेहतर होगी।

5. सिग्नलिंग प्रणाली की विश्वसनीयता में सुधार: EI/OC आधारित आधुनिक प्रणाली, MSDAC ट्रैक डिटेक्शन, नए डेटा लॉगर तथा ऑटोमेटिक फ्यूज चेंजओवर जैसी सुविधाओं से सिग्नलिंग प्रणाली की निगरानी, विश्वसनीयता और परिचालन दक्षता में सुधार होगा।

6. भविष्य में अधिक ट्रेनों के संचालन का आधार: ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग मौजूदा रेल अवसंरचना पर लाइन क्षमता बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे यातायात बढ़ने की स्थिति में अधिक ट्रेनों के संचालन के लिए बेहतर परिचालन क्षमता उपलब्ध होती है। मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार के मार्गदर्शन में सिग्नल एवं दूरसंचार तथा परिचालन विभाग द्वारा किए गए इस तकनीकी उन्नयन से लालपुर–चौरा रेलखंड में संरक्षा, परिचालन दक्षता, विश्वसनीयता तथा लाइन क्षमता को और मजबूती मिलेगी। यह कार्य झांसी मंडल में आधुनिक तकनीक के माध्यम से रेल परिचालन को निरंतर सुरक्षित एवं बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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