एचआईवी एड्स से जुड़ी भ्रांतियों और भेदभाव के खिलाफ दिया जागरूकता का संदेश
वाराणसी । एचआईवी एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने, इससे जुड़ी भ्रांतियों एवं सामाजिक भेदभाव को दूर करने तथा लोगों को समय पर स्वास्थ्य जाँच के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रिज्मैटिक फाउंडेशन द्वारा एड्स जागरूकता पर आधारित नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत नैरेटर टैन द्वारा स्थानीय लोगों को एकत्रित करने से हुई। उपस्थित लोगों को प्रिज्मैटिक फाउंडेशन तथा संस्था द्वारा समुदाय के लिए किए जा रहे विभिन्न सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी कार्यों की जानकारी दी गई। इसके बाद ट्रांस एवं क्वियर समुदाय के सदस्यों द्वारा तैयार एवं प्रस्तुत किए गए नुक्कड़ नाटक के माध्यम से HIV/AIDS से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ सरल और प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुँचाई गईं।
नाटक की शुरुआत बनी के पात्र से हुई, जिसे HIV के साथ जीवन जीते हुए दिखाया गया। नाटक में बनी के दोस्तों द्वारा उसके साथ छुआछूत और भेदभावपूर्ण व्यवहार किए जाने का दृश्य प्रस्तुत किया गया। इस माध्यम से HIV के साथ जी रहे लोगों के प्रति समाज में मौजूद गलत धारणाओं, डर और भेदभाव को सामने लाया गया।
इसके बाद डॉक्टर के पात्र के माध्यम से एचआईवी से जुड़ी वैज्ञानिक एवं सही जानकारी दी गई। लोगों को बताया गया कि एचआईवी संक्रमित व्यक्ति को छूने, उसके साथ बैठने या सामान्य सामाजिक संपर्क रखने से एचआईवी नहीं फैलता। नाटक के माध्यम से एचआईवी के संक्रमण के प्रमुख कारणों, बचाव के उपायों और समय पर एचआईवी जाँच कराने के महत्व की जानकारी भी दी गई
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से समुदाय ने स्पष्ट संदेश दिया कि HIV के साथ जी रहे लोगों के साथ भेदभाव नहीं, बल्कि सम्मान और सहयोग का व्यवहार होना चाहिए। कलाकारों ने लोगों से HIV/AIDS से जुड़ी अफवाहों और भ्रांतियों पर विश्वास न करने तथा सही एवं वैज्ञानिक जानकारी को अपनाने की अपील की।
इस नुक्कड़ नाटक को ट्रांस एवं क्वियर समुदाय के सदस्यों ने स्वयं तैयार एवं प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में टैन, आर्या, अनामिका, बनी, चंद्र मल्लिका और रुमान सहित छह कलाकारों ने अपनी भूमिका निभाई। कार्यक्रम को सक्रिय बनाने के लिए सुमन, नैंसी, कैलाश और कृष्णा ने मुख्य भूमिका निभाई नाटक को लगभग 100 लोगों के बीच प्रस्तुत किया गया।
