सोनभद्र, सिंगरौली। एनटीपीसी विंध्याचल राजभाषा अनुभाग द्वारा 14 से 28 सितंबर तक हिंदी पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत 18 सितंबर 2026 को आवासीय परिसर स्थित तीन प्रमुख विद्यालयों, सरस्वती दिल्ली पब्लिक स्कूल, शिशु मंदिर विंध्यनगर एवं पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय विंध्यनगर में विद्यार्थियों के लिए हिंदी सुलेख, निबंध लेखन एवं हिंदी विज्ञापन लेखन आदि हिंदी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य स्कूली बच्चों में हिंदी भाषा के प्रति रुचि, रचनात्मकता एवं अभिव्यक्ति कौशल को प्रोत्साहित करना रहा।

प्रतियोगिताओं के अंतर्गत कक्षा 3 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए हिंदी सुलेख, कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए हिंदी निबंध लेखन तथा कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए हिंदी विज्ञापन लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। निबंध लेखन हेतु “मेरी प्रिय हिंदी” तथा विज्ञापन लेखन हेतु “डिजिटल भारत में हिंदी” विषय निर्धारित किए गए। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी लेखन प्रतिभा एवं सृजनशीलता का प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर एनटीपीसी विंध्याचल के मानव संसाधन विभाग, राजभाषा अनुभाग की ओर से कल्याण सिंह, राजभाषा अधिकारी ने तीनों विद्यालयों का भ्रमण किया।
उन्होंने प्रतियोगिता कक्षों का अवलोकन कर विद्यार्थियों से संवाद किया तथा राजभाषा हिंदी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विद्यालयों के प्राचार्यों एवं शिक्षकों के साथ प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन तथा हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत आगामी गतिविधियों के संबंध में चर्चा की। विद्यालयों के शिक्षकों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने सुलेख, निबंध एवं विज्ञापन लेखन के माध्यम से हिंदी भाषा की सुंदरता और महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिताओं के दौरान बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों ने हिंदी के प्रचार-प्रसार और विद्यार्थियों में भाषा के प्रति रुचि विकसित करने हेतु एनटीपीसी विंध्याचल द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को हिंदी भाषा के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उनकी रचनात्मक अभिव्यक्ति को भी प्रोत्साहन मिला। तीनों विद्यालयों में आयोजित प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को हिंदी पखवाड़ा समापन समारोह के दौरान पुरस्कृत किया जाएगा।
