*इकाई प्रमुख सहित वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विभिन्न ट्रेड यूनियन पदाधिकारियों ने की पूजा-अर्चना*
सिंगरौली। भगवान विश्वकर्मा की जयंती के अवसर पर हिंडालको महान में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ विभिन्न पूजा-अर्चना कार्यक्रम आयोजित किए गए। संयंत्र के अलग-अलग विभागों में कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने भगवान विश्वकर्मा का विधि-विधान से पूजन कर संयंत्र की सुरक्षा, सुचारू संचालन, समृद्धि एवं निरंतर प्रगति की कामना की। हिंडालको महान में भगवान विश्वकर्मा की स्थायी प्रतिमा स्थापित है, जिसे ‘विश्वकर्मा चौक’ के नाम से जाना जाता है। विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर यहां विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। कार्मिक विभाग के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में ऑपरेशन हेड सुदीप्ता नायक ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पूजा के उपरांत उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
कार्यक्रम में कार्मिक प्रमुख रंधीर वत्स सहित कार्मिक विभाग से ईशान्त अग्रवाल,मनीष सिंह, विनय तिवारी, मधुरेंद्र राय, आकाश, विष्णु, रितेश, अलोक पाण्डेय सोनाली,हरिशंकर मिश्रा एवं मानव संसाधन विभाग के लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर विभिन्न ट्रेड यूनियनों के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता की और भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना कर संयंत्र की सुरक्षा एवं कर्मचारियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इसी क्रम में हिंडालको महान के कार्बन, ऑटोसोप, लैब, कास्ट हाउस, पोटरूम और CPP सहित विभिन्न विभागों में भी विशेष पूजा-अर्चना की गई। संबंधित विभागाध्यक्षों एवं कर्मचारियों ने अपनी कार्यस्थली और मशीनरी का पूजन किया। पूजा के दौरान कर्मचारियों ने सुरक्षित कार्य वातावरण, मशीनरी के बेहतर संचालन और संयंत्र की निरंतर प्रगति के लिए प्रार्थना की। विभिन्न पूजा स्थलों पर पूजा के बाद प्रसाद का वितरण भी किया गया।
विश्वकर्मा जयंती का औद्योगिक संस्थानों में विशेष महत्व है। भगवान विश्वकर्मा को निर्माण, शिल्प, तकनीक एवं सृजन के प्रतीक के रूप में पूजित किया जाता है। हिंडालको महान में आयोजित कार्यक्रम ने आधुनिक औद्योगिक कार्यसंस्कृति के साथ भारतीय परंपरा और आस्था के सुंदर समन्वय को दर्शाया
इकाई प्रमुख ने विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “भगवान विश्वकर्मा तकनीक, निर्माण, शिल्प और सृजनात्मकता के प्रतीक हैं। विश्वकर्मा जयंती केवल पूजा-अर्चना का अवसर नहीं, बल्कि यह हमें अपनी तकनीकी दक्षता, कार्यकुशलता और सुरक्षा के प्रति सजग रहने की प्रेरणा भी देती है। हिंडालको महान की प्रगति हमारे कर्मचारियों की मेहनत, प्रतिबद्धता और तकनीकी कौशल से जुड़ी है। हम सभी को सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गुणवत्ता और उत्कृष्टता के साथ कार्य करना चाहिए। सामूहिक प्रयासों से हम हिंडालको महान को निरंतर प्रगति की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” पूरे संयंत्र परिसर में विश्वकर्मा जयंती को लेकर उत्साह एवं भक्तिमय वातावरण रहा। अधिकारियों, कर्मचारियों और ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर भगवान विश्वकर्मा से संयंत्र की निरंतर प्रगति, सुरक्षित कार्य वातावरण तथा सभी के सुख-समृद्धि की कामना की।
