रेणुकूट। आदि शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर गुरुवार को नगर में श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ पूजन-अर्चन किया गया। विश्वकर्मा नगर स्थित करीब 70 वर्ष पुराने प्राचीन विश्वकर्मा भगवान मंदिर परिसर में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी विशेष पूजा का आयोजन हुआ। सुबह से ही मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी।
सुबह 11 बजे मंदिर के पुजारी मुरारी विश्वकर्मा ने पुरोहित के साथ वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से भगवान विश्वकर्मा का पूजन कराया। इसके बाद हवन का आयोजन हुआ। पूजन एवं हवन संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद का वितरण किया गया। वहीं पूरे दिन मंदिर परिसर में संगीत के साथ भजन-कीर्तन का आयोजन चलता रहा, जिसमें श्रद्धालु भक्तिमय वातावरण में शामिल हुए। प्राचीन मंदिर में भगवान विश्वकर्मा के दर्शन-पूजन के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ ही आसपास के जनपदों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरे दिन मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। आयोजन को लेकर मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। व्यवस्था में मंदिर के प्रबंधक संजय विश्वकर्मा समिति के सदस्यों के साथ मौजूद रहे। इस अवसर पर राजेश विश्वकर्मा, अजीत, अनिल, धर्मेंद्र विश्वकर्मा, सुशील विश्वकर्मा और संतोष विश्वकर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
