शिक्षक सम्मान ही राष्ट्र निर्माण की शक्ति का सम्मान है : ए.के. शर्मा

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*मऊ को अब कट्टे की नहीं कंप्यूटर की जरूरत, शिक्षा की नई इबादत लिखेगी नई पीढ़ी:मंत्री ए के शर्मा*

*हिंसा की पहचान से विकास और शिक्षा की पहचान की ओर बढ़ रहा मऊ*

लखनऊ/ नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ, शाखा दोहरीघाट, मऊ द्वारा आयोजित शैक्षिक संगोष्ठी एवं शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करते हुए शिक्षकों के योगदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार, सोच और भविष्य का निर्माण करते हैं। इसलिए शिक्षक का सम्मान वास्तव में राष्ट्र निर्माण की शक्ति का सम्मान है।

श्री शर्मा ने अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियां साझा करते हुए कहा कि कक्षा 9वीं और 10वीं की पढ़ाई के दौरान डीएवी, मऊ में उन्हें अपने गुरुजनों से जो संस्कार, शिक्षा और मार्गदर्शन मिला, वह आज भी उनके जीवन में प्रेरणा का स्रोत है। इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अध्ययन के दौरान भी उन्हें अनेक विद्वान गुरुजनों का सान्निध्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि जीवन में उन्हें जो भी उपलब्धियां मिली हैं, उनमें माता-पिता के साथ-साथ गुरुजनों के आशीर्वाद, संस्कार और मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियानों ने बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के प्रति समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है। आज देश की बेटियां डिफेंस, स्पेस, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, शिक्षा, प्रशासन और खेल सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ा रही हैं। बेटियों को समान अवसर और बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।

श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए निरंतर महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। मिशन कायाकल्प के माध्यम से विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का विकास, शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि, रसोइयों के मानदेय में वृद्धि तथा शिक्षकों के आयुष्मान कार्ड जैसी पहल शिक्षा जगत से जुड़े लोगों के हित और विद्यालयी व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

मऊ के बदलते स्वरूप का उल्लेख करते हुए ए.के. शर्मा ने कहा कि आज मऊ को नई पहचान और नई दिशा की जरूरत है। उन्होंने कहा, “अब मऊ में कट्टे की नहीं, कंप्यूटर की जरूरत है। हिंसा की नहीं, शिक्षा और तकनीक की जरूरत है।” उन्होंने कहा कि मऊ के बच्चों के हाथों में किताब, कंप्यूटर और आधुनिक तकनीक होनी चाहिए, ताकि वे देश-दुनिया में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि मऊ के बच्चों का भविष्य किताब और कंप्यूटर से बनेगा, कट्टे से नहीं। शिक्षा और तकनीक के माध्यम से मऊ के युवा नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकते हैं और जनपद एवं प्रदेश को नहीं पहचान नई दिशा दे सकते हैं।

उन्होंने बताया कि जनपद में प्राथमिक विद्यालयों में फर्नीचर तथा कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में फर्नीचर एवं अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के साथ ही विद्यालयों के कायाकल्प का कार्य CSR के माध्यम से कराया गया है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बेहतर वातावरण, आधुनिक सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर योगदान देना चाहिए। कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा अधिकारी, पूर्व जिला अध्यक्ष श्रीमती नूपुर अग्रवाल, कृष्णानंद राय सहित अनेक सम्मानित अतिथि, शिक्षक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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