सोनभद्र, सिंगरौली। क्षमता विकास एवं कार्यकुशलता संवर्धन की दिशा में एनटीपीसी की सतत पहल के अंतर्गत क्षेत्रीय ज्ञानार्जन संस्थान विंध्याचल में “सिस्टम ओरिएंटेशन” विषय पर दो दिवसीय क्षमता विकास कार्यक्रम का शुभारंभ 10 अगस्त 2026 को हुआ। यह कार्यक्रम विंध्याचल, सिंगरौली एवं रिहंद से जुड़े E6–E7 स्तर के अधिकारियों के लिए आयोजित किया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों की व्यवहारिक एवं नेतृत्व संबंधी दक्षताओं को सुदृढ़ करना, पेशेवर प्रभावशीलता बढ़ाना तथा उन्हें उच्चतर दायित्वों के निर्वहन के लिए तैयार करना है।
कार्यक्रम का उद्घाटन किशोर कुमार होता, कार्यकारी निदेशक (विंध्याचल) ने किया। उन्होंने कार्यक्रम की फैकल्टी डॉ. गरिमा बंसल, इंटरनेशनल लीडरशिप कंसल्टेंट एवं कोच (एसएचआरएम) का स्वागत किया। अपने संबोधन में किशोर कुमार होता ने एनटीपीसी की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एनटीपीसी एक पारंपरिक विद्युत उत्पादन कंपनी से आगे बढ़कर एक विविधीकृत एवं एकीकृत ऊर्जा कंपनी के रूप में निरंतर विस्तार कर रही है। उन्होंने कहा कि अक्षय ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा एवं खनन जैसे नए क्षेत्रों में बढ़ते अवसर अधिकारियों के लिए अपने पेशेवर विकास एवं क्षमताओं को विस्तार देने का महत्वपूर्ण अवसर हैं।
उन्होंने कहा कि उच्चतर दायित्वों के निर्वहन के लिए केवल कार्यात्मक विशेषज्ञता पर्याप्त नहीं है, बल्कि सिस्टम ओरिएंटेशन, व्यवस्थित सोच, दूरदर्शी दृष्टिकोण (Visualisation) तथा व्यापक व्यावसायिक परिवेश की समझ जैसी दक्षताएं भी आवश्यक हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से कार्यक्रम में सक्रिय एवं सहभागी रूप से भाग लेने का आह्वान किया तथा फैकल्टी के अनुभव एवं विशेषज्ञता का अधिकतम लाभ उठाते हुए ऐसे ज्ञान, कौशल एवं दक्षताओं को विकसित करने पर जोर दिया, जो उन्हें भविष्य में बड़ी नेतृत्वकारी भूमिकाओं एवं उच्चतर जिम्मेदारियों के लिए सक्षम बनाएंगी। दो दिवसीय यह कार्यक्रम अधिकारियों में समग्र नेतृत्व दृष्टिकोण, प्रणालीगत सोच एवं संगठनात्मक समझ विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
आरएलआई विंध्याचल में ‘सिस्टम ओरिएंटेशन’ पर केंद्रित क्षमता विकास कार्यक्रम का आयोजन
